
संतोष दुबे/सिवनी.डिजिटल इंडिया के तहत मध्यप्रदेश का पहला ई-अस्पताल होने कागौरव इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी को मिला है। कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने सोमवार को काउंटर से एक मरीज का पर्ची बनवाकर इसका शुभारंभ किया।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने ई- हॉस्पिटल की शुरुआत की है। इससे मरीज का इलेक्ट्रानिक मेडिकल डाटा रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा। मरीज देश के किसी भी ई-हास्पिटल में उपचार कराने जाएगा तो मरीज को अलग से पर्ची नहीं कटानी पड़ेगी। उसके रिकॉर्ड के आधार पर सही उपचार होगा। मरीज व चिकित्सक दोनों को सहुलियत होगी।
जानकारों के अनुसार र्ई-हास्पिटल से पर्ची लेने पर दो नंबर मिलेंगे। एक यूएचआईडी नम्बर और दूसरा इलेक्ट्रानिक मेडिकल रिसोर्ट है। एक नम्बर उस हॉस्पिटल के लिए यूनिक होगा। दूसरा नम्बर पूरे देश में उपयोग होगा। जैसे ही कोई मरीज अपना नाम ई-हैल्थ आईडिटेंडी फिकेशन नम्बर देगा। उसका रिकॉर्ड चिकित्सक के सामने आ जाएगा। इससे उसका उपचार आसानी से होगा।
यह सुविधा एम्स व आर्मी के अस्पतालों में है। अब जिला अस्पताल का मरीज यदि उपचार के लिए एम्स जाएगा तो उसे ज्यादा बताने की जरुरत नहीं होगी। वहां का डॉक्टर उक्त रिकार्ड से समझ जाएगा कि अब तक क्या-क्या उपचार किया जा चुका है। जिला अस्पताल के डॉक्टर, पूरा स्टाफ ऑल इंडिया के जितने भी सरकारी अस्पताल है उसके कनेक्ट हो चुके हैं। डिजिटल इंडिया का यह प्रोग्राम है। भारत के सभी सरकारी अस्पताल में किया जाना है। सिवनी का अस्पताल पहला अस्पताल है, जहां इसकी शुरुआत की गई है। इस मौके पर अपर कलेक्टर वीपी द्विवेदी, एसडीएम तरुण विश्वकर्मा, सीएमएचओ डॉ. आरके श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
धनराजू एस की पहल पर सिवनी से शुरुआत
तत्कालीन कलेक्टर व मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य धनराजू एस की पहल पर यहां से इसकी शुरुआत की गई है। धनराजू एस की मंशा थी कि इसकी शुरुआत सिवनी से हो।
Published on:
12 Sept 2017 12:18 pm
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