सिवनी. शारदेय नवरात्र पर्व का शुभारंभ 15 से हो रहा है। इसको लेकर शहर में तैयारी जोरों पर है। देवी मंदिर सजकर तैयार हो गए हैं। रंग-रोगन के साथ ही लाइटिंग, झालर, टेंट-चांदनी आदि लगाकर विशेष सजावट की गई है। नवरात्र बैठकी तिथि के मद्देनजर देवी पंडालों की भव्यता दिखाई देने लगी हैं।
सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समितियां पंडालों को अब अंतिम रूप दे रही है। मूर्तिकार मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप तैयार कर रहे हैं। इन प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माता महाकाली के रौद्र स्वरूप से लेकर जगत जननी का सौम्य ममतामयी सुंदर छवि श्रद्धालुओं को नवरात्र पर्व के दौरान देखने को मिलेगी। शहर सहित जिले में 300 से अधिक देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का क्रम जारी है। शहर के कई स्थानों पर 10 फिट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमा स्थापना के लिए तैयार हो रही है। मंदिरों में ज्वारे कलश स्थापना की तैयारियां शुरू हो गई है।
10 फीसदी महंगी हुई देवी प्रतिमाएं
मूर्तिकार श्याम कुशवाहा ने बताया कि बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष देवी प्रतिमाएं 10 फीसदी महंगी हुई है। बताया कि ऐसा लकड़ी, रंग, श्रृंगार, घास आदि की कीमत में वृद्धि होने से हुआ है। बताया कि प्रतिमाओं की कीमत बढऩे के बाद भी इसकी मांग कम नहीं हुई है।
चंद्रायन व केदार मंदिर के स्वरूप में दिखेंगे पंडाल
पंडाल में तैयार हो रही झांकियां श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी। मातारानी के पंडाल को अलग-अलग थीम पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल में कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के दर्शन होंगे। बस स्टेण्ड पर बनाए जा रहे पंडाल का स्वरूप ‘चंद्रायन’ का दिया जा रहा है। केदारनाथ मंदिर के साथ कोलकाता के काली मंदिर भी श्रद्धालुओं को पंडाल में देखने को मिलेगी। शुक्रवारी बाजार में बन रहे पंडाल में पेंच टाइगर की विश्व प्रसिद्ध कालर वाली बाघिन व उसके शावकों की अठखेलियां भक्तों को लुभाएंगी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाता जागरूकता से जुड़े स्लोगन व झांकिया तैयार की जा रही हैं।
11.44 बजे से घट स्थापना का मुहूर्त
पं. राघवेंद्र शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 अक्टूबर (शनिवार) की रात 11 बजकर 24 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 16 अक्टूबर की रात 12 बजकर 32 मिनट पर होगा। ऐसे में नवरात्र पर्व का शुभारंभ रविवार (15 को) के दिन होगा। इस दिन घटस्थापना मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है। बाक्स – चार 24 को विजयादशमी नवरात्र के प्रथम दिवस रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा अराधना होगी। द्वितीया तिथि में सोमवार (16 अक्टूबर) को मां ब्रह्मचारिणी, तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा की पूजा, चतुर्थी तिथि पर मां कूष्मांडा की पूजा, पंचमी तिथि को मां स्कंदमाता की पूजा होगी। ‘नवरात्र की षष्ठी तिथि 20 अक्टूबर को रहेगी, जिस दिन मां के कात्यायनी रूप का विशेष पूजन होगा। सप्तमी तिथि 21 को मां कालरात्रि की पूजा, अष्टमी तिथि 22 को मां सिद्धिदात्री की पूजा व नवमी तिथि 23 को रहेगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाएगी। विजयादशमी 24 को मनाई जाएगी।