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सिवनी में बोले स्वामी रामभद्राचार्य- एमपी में पैदा नहीं होते पप्पू- पप्पी

तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने एमपी के संबंध में अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यहां वीर पैदा होते हैं, पप्पू पप्पी नहीं। स्वामी रामभद्राचार्य यहां श्रीराम कथा सुना रहे हैं। कथा में उन्होंने सनातन धर्म को दुनिया का सबसे श्रेष्ठ धर्म बताते हुए कहा कि इसे समाप्त करने की बात करनेवालों को ही समाप्त किया जाना चाहिए।

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तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य

तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने एमपी के संबंध में अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यहां वीर पैदा होते हैं, पप्पू पप्पी नहीं। स्वामी रामभद्राचार्य यहां श्रीराम कथा सुना रहे हैं। कथा में उन्होंने सनातन धर्म को दुनिया का सबसे श्रेष्ठ धर्म बताते हुए कहा कि इसे समाप्त करने की बात करनेवालों को ही समाप्त किया जाना चाहिए।

स्वामी रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा पालीटेक्निक मैदान में आयोजित की गई है। यहां कथा सुनने हजारों लोग आ रहे हैं। कथा में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि श्रीराम ने मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में संयमित जीवन जीने का संदेश दिया था। उन्होंने यहां उपनयन संस्कार का महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि गीता, गायत्री, गाय, गंगा व गोविंद, ये पांचों सनातन धर्म के प्राण हैं।

उन्होंने कथा सुनने आए लोगों को देश के लिए मर मिटने के लिए प्रेरित किया। स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि हमारे मन में भारत माता के लिए अटूट श्रद्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत विश्व शक्ति बननेवाला है।

स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने एमपी में आनेवाले चुनावों को बेहद अहम करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सनातन धर्म व सनातन विरोधियों का है। स्वामी रामभद्राचार्य ने मध्यप्रदेश को सनातन धर्म के लिए बड़ा योगदान देने वालों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि यहां पप्पू-पप्पी पैदा नहीं हुए बल्कि एमपी की धरती पर वीर पैदा हुए हैं।

एमपी में राजा विक्रमादित्य, रानी अहिल्याबाई होल्कर, राजा भोज, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वारूपानंद जैसे लोग जन्मे जिन्होंने सनातन को पुष्ट किया। स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया कि ब्रम्हलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वारूपानंद के आशीर्वाद से ही मैं यहां तक पहुंचा हूं। उनके दिए मंत्र से मुझे समस्त विद्याएं प्राप्त हुईं।