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रक्षाबंधन पर दिख रहा महंगाई का असर, फिर भी बहनों में उत्साह

- बढ़े राखियों के दाम, फिर भी बढ़ी मांग, 19 को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

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रक्षाबंधन

रक्षाबंधन

सिवनी. रक्षाबंधन के त्योहार को अब मात्र एक दिन शेष हैं। ऐसे में मुख्यालय के बुधवारी बाजार सहित जिले के अन्य शहरी व ग्रामीण हाट-बाजार में त्योहारी खरीदी करते लोगों की खासी तादाद नजर आ रही है। भाई-बहन के बीच स्नेह और प्यार के प्रतीक रक्षा बंधन पर्व के लिए बाजार में राखियों की दुकानें सजी हैं। इस बार महंगाई की मार का असर इस त्योहार पर भी दिख रहा है। राखी-रूमाल से लेकर कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन, गिफ्ट आइटम, सोना-चांदी के भाव बढ़े हुए हैं।


बाजार में बड़ी संख्या में बहनें-भाई की कलाई में बांधने के लिए राखी खरीदने पहुंच रही हैं। इसके कारण बाजार में रौनक बढ़ गई है। बीते दो दिन से बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। आसपास के गांवों से आए ग्रामीण भीे बाजार में सजी रंग-बिरंगी राखी की दुकानों से राखी व पर्व से संबंधित वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं।


इन राखियों की मांग
राखी विके्रता गोलू चौरसिया ने बताया कि इस वर्ष राखी के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़े है। इससे बिक्री पर असर दिख रहा है। लेकिन बहनें भाई को अच्छी से अच्छी राखी बांधने के लिए बढ़ी कीमत भी दे रही हैं। राखी विके्रता दिनेश नामदेव व संजय नाविक ने बताया है कि इस साल फैंसी राखी की मांग अधिक है। ग्राहकों की मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में फैंसी राखी दुकान में उपलब्ध हैं। दुकान में सस्ती और महंगी से महंगी राखी बिक रही हंै। बच्चों के लिए लाइट वाली राखियां, कार्टून वाली राखियां और खिलौने वाली राखियों के दाम बढ़ गए हैं। दुकानदारों ने बच्चों के लिए रंग-बिरंगी और कार्टून और लाइट-अप राखियां लगाई हैं। ये बचों को लुभा रही हैं। वहीं ज्वेलर्स को भी सोने-चांदी की राखी बनाने का आर्डर मिले हैं।


महंगाई के बाद भी बढ़ी भीड़
दुकानदारों बताया कि महंगाई के बाद भी बाजार में बहनें बड़ी संख्या में खरीदी करने पहुंच रही हैं। राखियां, रुमाल के अलावा चूड़ी और सजने संवरने की वस्तुओं को लेकर भी महिलाएं खरीदारी करने आ रही है। साड़ी, सूट से लेकर तरह-तरह के फैशन से जुड़े परिधान लेने के लिए उत्साह बना हुआ है। नारियल, मिठाई श्रंृगार सामग्री की खरीदारी करने के लिए दुकानों में ग्रामीणों की भीड़ नजर आ रही है। महिला वर्ग में कोण वाली मेंहदी की मांग अधिक हैं।


बाजार में लौटी रौनक
विवाह के सीजन की समाप्ति के बाद अब एक बार फिर बाजार में रक्षाबंधन पर्व के पूर्व त्योहारी बाजार में रौनक लौट आई है। आसपास के गांवों से ग्रामीण पर्व की तैयारियों के लिए खरीददारी करने पहुंच रहे हैं। रक्षा बंधन पर्व के लिए बाजार में स्थानीय व्यवसाइयों के अलावा बाहर से आए दुकानदारों ने भी अपने-अपने दुकानों को राखी से सजाया है। पर्व को लेकर बाजार में मिठाई की दुकानें सजने लगी है। वहीं रेडीमेड कपड़ों के लिए भी लोगों की भीड़ है। ग्रामीण अंचल के बाजार में भी रौनक दिखाई दे रहीं है। भाई-बहन के पवित्र बंधन का पर्व रक्षाबंधन ज्यों-ज्यों नजदीक आता जा रहा है, त्यों-त्यों बाजार में रौनक बढ़ती जा रही है। शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी रंग-बिरंगी राखियों की अस्थाई दुकानें सज गई हैं।


विदेशों में भेजी जा रही राखी, समाप्त हो गए लिफाफे
रक्षा बंधन पर्व पर विदेशों में रहने वाले भाईयों की कलाई सूनी ना रहे इसके लिए एक सप्ताह पूर्व से बहनें डाकघर में राखी पोस्ट करने पहुंच रही हैं। प्रधान डाकघर में पदस्थ पोस्टमास्टर आरके बाघाड़े ने बताया है कि पिछले करीब आठ दिनों से कई बहनें भाई को विदेश राखी भेजने के लिए आ रही है। इसके अलावा हर दिन पांच सौ से अधिक राखियां अन्य स्थानों पर पोस्ट करने के लिए आ रही हैं। इससे डाकघर में भीड़ बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इस साल मांग अधिक होने के कारण वाटरपू्रफ लिफाफे समाप्त हो गए है। इस साल पहले दो सौ व इसके बाद पांच सौ लिफाफे आए थे। सभी लिफाफे की बिक्री हो चुकी है।