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सरकारी जमीन बेच बसा दी बस्ती 

बिना शासन की अनुमति के बसा दी गई इस सरकारी जमीन पर संदिग्ध गतिविधियां भी संचालित होने की लोगों के द्वारा शिकायत की जा रही हैं।

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mithilesh dubey

Feb 12, 2016


सिवनी. शहर से सटे बरघाट रोड बायपास किनारे सरकारी जमीन का लोगों ने इस कदर बंदरबांट किया है, कि अब पूरी की पूरी बस्ती यहां बस चुकी है, इसको हटा पाना प्रशासन के लिए भी मुश्किल साबित होगा। जागरूक नागरिकों का कहना है कि ग्राम पंचायत छिडिय़ा पलारी के चूना-भट्टी में बीते करीब पांच साल से पंचायत के जिम्मेदारों की शह पर अतिक्रमण हो रहे हैं, बावजूद इसके प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। बिना शासन की अनुमति के बसा दी गई इस सरकारी जमीन पर संदिग्ध गतिविधियां भी संचालित होने की लोगों के द्वारा शिकायत की जा रही हैं। बताया जाता है कि चूना-भट्टी क्षेत्र में कुछ ऐसे लोगों के द्वारा मकान बना लिया गया है, जो इस क्षेत्र के निवासी नहीं है और गतिविधियां भी ठीक नहीं लगतीं। पूर्व कलेक्टर भरत यादव के कार्यकाल में भी ग्रामवासियों द्वारा इस सरकारी जमीन पर काबिज अतिक्रमण को सख्ती से हटवाने की मांग की गई थी, तब कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया था, लेकिन तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत से इस पर गंभीरता नहीं दिखाई गई।
जांच में खुलेगा राज
इस मामले में नागरिकों ने फिर एक बार जनपद पंचायत सिवनी के सीईओ डीएन पटेल को पत्र सौंपकर कार्रवाई की उम्मीद जताई है। पत्र में कहा गया है कि छिडिय़ा पलारी पंचायत क्षेत्र की सरकारी जमीन में बसी बस्तीवासियों से पूछताछ की जाए, तो इस जमीन की खरीद-फरोख्त का बड़ा मामला सामने आएगा। इस पर सीईओ ने उच्चस्तर पर चर्चा कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पंचायत ने नहीं लिया एक्शन
वर्तमान में ग्राम पंचायत छिडिय़ा पलारी के सरपंच कमलेश विनोद राय का कहना है कि पूर्व पंचायत के कार्यकाल से लोग सरकारी जमीन पर बस रहे हैं, विरोध करने पर लोग लडऩे लगते हैं। हालांकि प्रशासन को सरपंच ने पंचायत की ओर से कार्रवाई के लिए कोई पत्र नहीं लिखा है। सरपंच की कार्यप्रणाली को लेकर भी नागरिकों में खासी नाराजगी है।
यहां प्लॉट की हो रही बिक्री
शिकायतकर्ता नागरिक राजेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि शहर के रिहायशी इलाके से सटी इस सरकारी जमीन पर बाकायदा प्लॉटिंग करते हुए बिक्री की गई है। किसी को पचास हजार, तो किसी को बड़े प्लॉट के लिए एक लाख रुपए में जमीन बेच दी गई। पूर्व ग्राम पंचायत के कार्यकाल से यह होता आ रहा है, जो कि अब भी जारी है। शहर के पास सस्ती कीमत में प्लॉट मिलने की खबर से लोग लगातार यहां जमीन खरीदते मकान बनाकर बस रहे हैं।

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