19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तालाब के पास फेंका टीबी मरीजों के स्पुटम सैम्पल

स्वास्थ्य अमला आज मनाएगा विश्व क्षयरोग दिवस

2 min read
Google source verification
Tuberculosis patients drop

सिवनी. स्वास्थ्य विभाग आज विश्व क्षयरोग दिवस मनाएगा। टीबी एक छूत का रोग है और इसे प्रारंभिक अवस्था में ही न रोका गया तो जानलेवा साबित होता है। प्रत्येक वर्ष 25 से 30 लाख लोगों की मौत इससे होती है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में टीबी मरीजों के स्पुटम सैम्पल लेकर आगे की जांच जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज में कराए जाने से पहले ही इसे यहां के तालाब के पास अज्ञात लोगों ने फेक दिए गए हैं।
गुरुवार की सुबह क्षय रोग जैसे कई गंभीर बीमारियों के सैम्पलों के पांच सील बंद डिब्बे अनुपसिंह राजपूत के निजी तालाब के पास लावारिस हालत में मिलने की सूचना से स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आया। यहां उक्त डिब्बे किसने फैका इसका अभी तक कुछ पता नहीं चला है लेकिन स्वास्थ्य महकमें की यह गंभीर लापरवाही सामने आई है। लावारिस अवस्था में पड़े इन डिब्बों की सूचना जब ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत के सरपंच, बीएमओ को दी। मौके स्थल का निरीक्षण करने नायब तहसीलदार राजीव नेमा, घंसौर सरपंच व स्वास्थ्य विभाग के विधायक प्रतिनिधि अकलेश जैन बंटी पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी से सीएमएचओ डॉ. केसी मेश्राम को दी गई। वहीं लगभग दो घण्टे बाद घंसौर के बीएमओ डॉ. विजेन्द्र चौधरी भी मौके स्थल पर पहुंचे। वहीं बीएमओ ने जब उक्त सेम्पल बॉक्स को जांच के नाम पर ले जाने का प्रयास किया तो स्थानीय लोगों ने उक्त बॉक्स नहीं ले जाने दिया। लोगों का कहना था कि पहले उच्चाधिकारी मौके स्थल की जांच कर लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई करें। ग्रामवासियों ने बताया कि पिछले दिनों भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर के कमरा नम्बर 66 में अज्ञात महिला पाई गई थी। जिसका मामला भी काफी तूल पकड़ा था और जांच के नाम पर रफा-दफा कर दिया गया था।
सुबह से दोपहर तक सेम्पल बॉक्स वहीं पड़े रहे। एसडीएम खलको के हस्तक्षेप के बाद पुलिस की मौजूदगी में पांच सेम्पल बॉक्सों को जब्त कराया गया। वहीं इस लापरवाही पर सरपंच अनंत मरकाम बंधू ने बताया कि सूचना मिलते ही घंसौर थाने में इस मामले की शिकायत की गई है। वहीं ग्रामवासियों का कहना है कि तालाब के किनारे जिस जगह उक्त बॉक्स पड़े ते वहां से पानी बहकर ग्राम मोहगांव जलाशय में जाता है। जबकि घंसौर नगर में पानी की सप्लाई इसी जलाशय से की जाती है ऐसे में गंभीर बीमारियों के सेम्पल के वायरस अगर पानी के माध्यम से लोगों के घर-घर पहुंचते और इसके सेवन से अच्छे भले लोग बीमार होते तो इसका जिम्मेदार आखिर कौन होता? ग्रामीणों इस मामले की सूक्ष्म जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इनका कहना है
अस्पताल में रखे जाने और जांच के लिए बाहर भेजे जाने वाले सैम्पल के डिब्बें लापरवाही पूर्वक खुले में कैसे पड़े हैं इसकी जांच कर लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बिजेन्द्र चौधरी, बीएमओ, घंसौर
--
तालाब के किनारे पड़े स्वास्थ्य विभाग के लावारिश डिब्बो को जब्त कर लिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भावना मरावी, एसडीएम, घंसौर
--
नायब तहसीलदार व बीएमओ के समक्ष लावारिस पड़े डिब्बों को पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस मामले में जिसे के अधिकारियों के समक्ष जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आईजे खलको, एसडीएम घंसौर