
सिवनी. पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में मेहरापिपरिया सरपंच व उसके भाई की हत्या के आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किए जाने का खुलासा किया। कहा कि पुलिस ने चार दिन में टीम गठित कर १२ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। टीम को उनके नागपुर में छुपे होने की सूचना मिली थी।
पुलिस ने रात में ही टीम बनाकर नागपुर में संबंधित जगह रेड मारा। मौके से आनंद पटले, कपिल रांहगडाले, गोविंद पटले, रितेश ठाकुर, नीलेश भगत, दिनेश भगत, राहुल पटले, मनीष बोपचे, कृष्णकुमार पटले, गिरीश पटले को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी महानंद पटले ने वेश-भूषा बदलकर न्यायालय में सरेंडर किया है। बाकी आरोपी की पूछताछ की गई तो आरोपी लोकेश टेमरे के सिवनी में होने की सूचना मिली। उसको भी वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों द्वारा घटना में प्रयुक्त किए गए तीन देश पिस्टल, घन, लाठी, डंडा, तलवार आदि बरामद कर लिया है। पिस्टल महानंद, गोविंद एवं लोकेश के द्वारा बताए गए जगह पर मिली।
अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक छिंदवाड़ा रेंज डॉ. जीके पाठक के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक तरूण नायक के निर्देशन यह कार्रवाई की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिवनी, एसडीओपी केवलारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी बरघाट अमित विलास दाणी, थाना प्रथारी केवलारी शिवचरण तेकाम, थाना प्रभारी कन्हीवाड़ा उपनिरीक्षक खेमेन्द्र जैतवार, उप निरीक्षक सूर्यकांत पटले, उप निरीक्षक मुकेश द्विवेदी, अजय कुमार, सुरेश राय, महेन्द्र चौधरी, प्र.आर. देवेन्द्र जायसवाल, आर सुन्दर श्याम, अजय बघेल सहित अन्य स्टाफ रहे। टीम को पुलिस अधीक्षक पुरस्कृत करेंगे।
हमला के समय पान ठेले पर बैठे थे सरपंच
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि २० अगस्त को शाम ५.३० बजे बस स्टैण्ड तिराहा पर पान ठेले में बैठे ज्ञान सिंह, अशोक, राकेश तथा फूलसिंह पटले पर हमला किया गया था। हमलावार गामा वाहन से वहां पहुंचे थे। इस दौरान हमलावरों के पिस्टल आदि भी थे। मारने के बाद सभी गामा वाहन से नागपुर की ओर भाग गए। खवासा के पास रास्ते गामा वाहन छोड़ दिया था।
Published on:
26 Aug 2017 11:46 am
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