
महेन्द्र बघेल सिवनी. शादी के चंद दिनों बाद ही पति-पत्नी में बढ़ रही दूरिया उनके परिवारिक जीवन को आगे बढ़ाने के पहले ही रास्ते अलग कर रही है। परिवार परामर्श केन्द्र में वर्ष २०१६ और २०१७ के आकड़े कुछ ऐसा ही बयां कर रहे हैं। इन आकड़ों पर गौर करें तो इन परिवार के मुलाकत की दहलीज पर ही खुदा हाफिज की स्थिति बन रही है। उनके परिवारिक जीवन नैय्या आगे बढऩे के पूर्व ही एक दूसरे के रास्ते अलग हो जा रहे हैं।
कोतवाली थाना परिसर स्थित परिवार परामर्श केन्द्र में अलग हो रहे दो परिवारों को एक करने का प्रयास किया जा रहा है। परामर्श केन्द्र में बुधवार और शनिवार को दो परिवार के प्रकरण की सुनवाई की जाती है। परामर्श केन्द्र में परामर्शदाता परिवार में होने वाले विवादों को लेकर पति-पत्नी को समझाइश देते हैं। कुछ मामलों में समझौता है, जबकि कई मामले न्यायालय चले जाते हैं।
आकड़ों पर गौर करें तो वर्ष २०१६ में कुल ४०० प्रकारण प्राप्त हुए थे। इसमें १९३ में समझौता हुआ। १०६ मामले न्यायालय गए। पांच मामलों में अपराध दर्ज हुआ है। एक मामला स्थानांतरित औरर ६९ मामले निरस्त हुआ। २६ प्रकरण लंबित है। लंबित प्रकरणों की सुनवाई वर्ष २०१७ में जारी है। इसमें कुछ में समझौता हुए हैं।
वर्ष २०१७ (१.१.१७ से १०.१०.१७ तक) में कुल २८६ प्रकरण आएद्ध। इसमें १२१ में समझौता हुआ। ७८ न्यायालय की शरण में गए हैं। एक में अपराध पंजीबद्ध हुआ है। ३० प्रकरण निरस्त किए गए हैं। ५६ प्रकारण लंबित हैं।
वर्ष २०१६ में मिलवाया १९३ परिवार को
परिवार परामर्श केन्द्र प्रभारी एएसआई ज्योति चौरसिया, काउंसलर छिद्दीलाल श्रीवास, अधिवक्ता सुरेंद्र श्रीवास्तव, राखी, रजनी, रीना व अनीता की टीम ने संयुक्त प्रयास से वर्ष २०१६ में १९३ परिवारों को समझाइश देकर मिलवाया है। वर्ष २०१७ में अक्टूबर माह तक १२१ परिवारों को एक किया है।
एक नजर इधर भी
जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, राज्य महिला आयोग से आए प्रकरण.
वर्ष - २०१७
कुल प्राप्त - १२
समझौता - ०३
न्यायालय- ०२
अपराध - एक
निरस्त - ०३
लंबित- ०३
(नोट - सभी आकड़े परिवार परामर्श केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार.)
Published on:
23 Oct 2017 11:43 am
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