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मातृशक्तियां घर की दहलीज से निकलकर कर ही समाजसेवी कार्य

गौरव स्वर्णकार महिला मंडल निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
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सिवनी. एक समय था जब महिलाएं घर की चारदीवारी में रहकर ही पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती थी। बदलते समय के साथ लोगों की सोच बदल चुकी है और महिलाएं घर से बाहर निकलकर न केवल परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करने में सहयोग प्रदान कर रही हैं बल्कि समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिले में भी ऐसी कई महिलाएं और उनका ग्रुप है जिनके कार्यों ने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। इन्हीं में से एक है गौरव स्वर्णकार महिला मंडल। मंडल में शामिल 34 महिलाएं न केवल समाज को एकजुट करने का काम कर रही हैं बल्कि जरूरतमंद लोगों की भी आगे बढकऱ मदद कर रही हंै। अध्यक्ष संजया सोनी ने बताया कि एक अच्छे उद्देश्य को लेकर गौरव स्वर्णकार महिला मंडल का गठन वर्ष 2016 में किया गया था। वर्ष 2018 में बारापत्थर निवासी सोलसिया बाई के दो बच्चों के भरन-पोषण की जिम्मेदारी मंडल ने उठाई। दरअसल उनके दोनों बच्चे देख नहीं सकते हैं। गौरव स्वर्णकार महिला मंडल को इसकी सूचना मिली। इसके बाद हमलोग परिवार से मिले और हर वर्ष उनको राशन, कपड़ा या फिर जो भी जरूरत रहती है उसे हरसंभव मदद कर पूरा करते हैं। इस काम में मंडल की सभी महिला सदस्य सहयोग प्रदान करती हैं। इसके अलावा कोविड के समय भी लोगों की मदद की। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की सेवा सहित अन्य जगहों पर समय-समय पर समाजसेवी कार्य किए जा रहे हैं। हर समय मंडल की महिलाएं जरुरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहती हैं।

मिलकर मनाती हैं उत्सव, बांटती हैं खुशियां
मंडल द्वारा भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य विषयों को लेकर भी निशुल्क कार्य करने की योजना है। अध्यक्ष संजना सोनी के मार्गदर्शन में हर वर्ष बसंत पंचमी, होली मिलन, 15 अगस्त, जन्माष्टमी, हरियाली तीज सहित अन्य त्योहार पर कार्यक्रम के आयोजन भी किए जा रहे हैं। जिसमें मंडल की सभी महिलाएं शामिल होती हैं और मिलकर खुशियां बांटती हैं।

समाज में बदलाव लाने के लिए आवश्यक
मंडल की इंद्रा सर्राफ, रजनी कौशल, अनुष्का सोनी, सोनिया सोनी, रिंकी सोनी, मानषी सोनी सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि मातृशक्तियों को घर की सीमाओं से निकलकर समाज सेवा में जुडऩा समाज में बदलाव लाने और सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि वे परिवार और समाज दोनों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। घर की दहलीज से बाहर निकलकर महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में योगदान कर सकती हैं, जिससे वे और उनका परिवार सशक्त बनता है और समाज का समग्र विकास होता है।