
mp news: सावन के महीने में हर कोई भगवान शिव की भक्ति में लीन है तो वहीं मध्यप्रदेश के सिवनी में युवाओं की एक टोली ने सावन के महीने में जुगाड़ के कबाड़ से भोलेनाथ की ऐसी विशाल व सुंदर आकृति का निर्माण किया है कि हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। करीब 40 दिनों की मेहनत के बाद भोलेनाथ की इस आकृति को तैयार किया गया है जो अब लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।
सिवनी के मठ मंदिर परिसर में विक्की सीना आर्ट के कलाकारों ने लगातार तीसरे साल अलग-अलग सामग्री का इस्तेमाल करते भोलेनाथ की आकृति बनाई है। मुख्य कलाकार विक्की कश्यप ने बताया कि उन्होंने इस बार कबाड़ी की दुकान और लोगों के घरों से इकहट्ठे किए गए कबाड़ से इस आकृति को 40 दिन की मेहनत से तैयार किया है। उन्होंने बताया कि सब्जी के टूटे हुए केरेट, बाइक-साइकिल के बोनट, बंपर, पार्टस, स्टील की खराब जाली, कई तरह के बायर, पुराना लोहा, पुराने त्रिशूल का इस्तेमाल करते हुए यह आकृति तैयार की है। विक्की का कहना है कि कबाड़ से अब तक कहीं भी किसी ने भी इतनी बड़ी आकृति नहीं बनाई है।
जिस टीम ने इस आकृति को बनाया है उसके सभी कलाकार युवा हैं। टीम के सदस्यों का कहना है कि भगवान भोलेनाथ की सभी अलग-अलग तरह से भक्ति करते हैं। हमने भी तय किया कि क्यों न कुछ अलग किया जाए। इसी के चलते तीन साल पहले बरगद की जड़, चंदन की लकड़ी से ऐसी ही प्रतिमा बनाई थी। दूसरे साल नारियल और नारियल की जूट का इस्तेमाल कर भोलेनाथ की आकृति बना चुके हैं।
टीम के कलाकार विक्की कश्यप व सहयोगी रोहित रघुवंशी, शिव कश्यप, अंशु ओसवाल, एकलव्य बघेल, सनी कश्यप, लकी मेहरा, अभय शुक्ला, श्लोक पटवा, यश बघेल, आर्यन शुक्ला, कपिल कश्यप, अनिकेत कश्यप, कृष्णा यादव, नमन कश्यप, आशू गौतम, सोहित सेन, रौनक, अनमोल ने बताया कि 31 वर्षों से मठ मंदिर में पूरे सावन महीने का अखंड रामायण पाठ हो रहा है। यहां रोजाना हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। लोगों में भगवान भोलेनाथ की इस अद्भुत आकृति को देखने की उत्सुकता भी होती है। यह अद्भुत कलाकारी सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जाती रही है।
Updated on:
07 Aug 2024 07:31 pm
Published on:
07 Aug 2024 07:30 pm
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