29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्यप्रदेश मे यहां भीषण हादसा, दो ड्राइवरों की मौत, नहीं मिला शव वाहन तो ट्रैक्टर में ले गए शव

आधा किमी से भी कम मेडिकल कॉलेज, फिर भी नहीं दिया शव वाहन

2 min read
Google source verification
मध्यप्रदेश मे यहां भीषण हादसा, दो ड्राइवरों की मौत, नहीं मिला शव वाहन तो ट्रैक्टर में ले गए शव

आधा किमी से भी कम मेडिकल कॉलेज, फिर भी नहीं दिया शव वाहन- थकान लगने पर चालक अपने खलासी से चलवा रहा था ट्रक


- थकान लगने पर चालक अपने खलासी से चलवा रहा था ट्रक
शहडोल. शहर के मेडिकल कॉलेज के नजदीक बाइपास एनएच पर तेज रफ्तार दो ट्रक आमने-सामने टकरा गए। हादसा गुरुवार की सुबह का बताया जा रहा है। जिसमें दोनों ट्रक के चालकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना लगते ही पुलिस की डायल 100 घटनास्थल पहुंचकर मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना लगते ही सोहागपुर थाने की टीम घटनास्थल पहुंच गई। घटना मेडिकल कॉलेज से कुछ ही दूरी पर ही हुई लेकिन मृतकों को अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस को ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। शव वाहन न मिलने के कारण पुलिस ने एक ट्रैक्टर को रोककर ट्रॉली पर दोनों शवों को लोड कर पीएम के लिए रवाना किया। मिली जानकारी के अनुसार ट्रक कंमाक एमपी 65जीए 1463 में बिलासपुर से चावल लोड़ कर पन्ना की ओर जा रहा था। ट्रक का ड्राइवर सोमप्रकाश ने अपने खलासी अमित चौरसिया 25 वर्ष से गाड़ी चलवा रहा था। गाड़ी की स्पीड अधिक होने के कारण खलासी कंट्रोल नहीं कर सका जिसके कारण दुर्घटना हुई। वहीं घटना के बाद चालक सोमप्रकाश मौके से भाग गया। दूसरी गाड़ी सीजी 15 एसी 5393 का चालक मनोज पटेल एलबेस्टर लोड कर अनूपपुर की ओर जा रहा था जिसकी दुर्घटना स्थल पर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो दोनों गाडिय़ों की रफ्तार अधिक होने के कारण दोनो चालक गाड़ी को कंट्रोल नही कर पाए, जिससे बड़ा हादसा हो गया।

चौराहे पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मेडिकल कॉलेज के पास नेशनल हाइवे चौक में विभाग द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार का इंतजाम नहीं किया गया है, और न ही चौराहे पर किसी प्रकार के संकेतक बोर्ड लगाये गए हैं। इन दिनों मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए मरीजों का आना जाना होता है जिसकी वजह से इस सड़क में व्यस्तता बनी रहती है। जान जोखिम में डालकर लोग हाइवे को क्रास कर अस्पताल तक पहुंचते है। वहीं बायपास रोड के शुरू हो जाने से हैवी वाहनों का आना-जाना इस रोड़ से शुरू हो गया है। संबधित विभाग के द्वारा चौराहे पर सुरक्षा की दृष्टी से किसी प्रकार का इंतजाम न करना बड़ी लापरवाही है।

ट्रेक्टर से ले जाना पड़ा शव
बायपास हाईवे से महज 100 मीटर की दूरी पर मेडिकल कॉलेज बना हुआ है। शासन द्वारा करोड़ों खर्च कर मेडिकल कॉलेज की शुरूआत कराई गई है कि लोगों का अच्छी सुविधा मिल सके लेकिन गुरूवार को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एक शव वाहन या एम्बुलेंस मृतकों को नसीब नहीं हुआ। जिसके कारण पुलिस ने दुर्घटना स्थल के पास गुजर रहे ट्रैक्टर को रोककर उसमें लाश रखकर मेडिकल कॉलेज पीएम के लिए ले जाना पड़ा। इसको लेकर लोगों में भी नाराजगी रही है।

Story Loader