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अंतरा के पास जंगल में लकड़ी लेने गए ग्रामीण को बाघ ने उतारा मौत के घाट

15 दिन पहले घुनघुटी के नजदीक एक महिला पर भी बाघ ने किया था हमला

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15 दिन पहले घुनघुटी के नजदीक एक महिला पर भी बाघ ने किया था हमला
शहडोल. शहर से सटे पचगांव के नजदीक बिरुहुलिया के जंगल में लकड़ी लेने गए एक ग्रामीण को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत है। यहां बाघ के पगमार्क के निशान भी पाए गए हैं। घटना के बाद वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्र में अनाउंसमेंट के साथ ही मुनादी करा दी है। एसडीओ बादशाह रावत ने बताया कि तीन सर्किल की टीम को यहां भेजा गया है, जो रात में निगरानी करेंगी। वन विभाग की टीम ने आशंका जताई है कि बाघ घुनघुटी की तरफ से यहां तक पहुंचा है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि दो-तीन दिन पहले उन्होंने बाघ को जाते देखा था, इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। शनिवार को बाघ ने ग्रामीण को अपना निशाना बनाते हुए मौत के घाट उतार दिया। वहीं देर शाम सिंहपुर थाना के पास मवेशी को अपना शिकार बनाया।
पहले कभी नहीं था इस क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट
ग्रामीणों ने बताया कि पचगांव, झगरहा, अंतरा, खोल्हाड़, मझगंवा सहित आसपास के इलाके में इससे पहले वन प्राणियों का मूवमेंट नहीं रहा है। ये पहली बार है जब पचगांव के बिरहुलिया में अचानक बाघ पहुंच गया और ग्रामीण पर हमला किया है।
कोर जोन से बाहर घूम रहे 70-80 बाघ
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन की माने तो शहडोल, उमरिया व अनूपपुर को मिलाकर 70-80 बाघ सामान्य वन क्षेत्र और इनसे जुड़े रिहायसी क्षेत्रों के आस-पास विचरण कर रहे हैं। इनके अलावा हाथी व अन्य वन्यजीव भी शामिल हैं। इनमें अकेले उमरिया में 40-45 बाघों का मूवमेंट टाइगर रिजर्व के कोर जोन से बाहर के क्षेत्रों में बना हुआ है। वहीं शहडोल व अनूपपुर में 35-40 बाघ मौजूद हैं। इनमें से कुछ जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों तक पहुंच रहे हैं।
अकेले जंगल में न जाएं, दें जानकारी
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अकेले जंगल न जाएं, वन प्राणियों के दिखने पर उसे न छेडं़े, वन्य प्राणियोंं को किसी प्रकार नुकसान न पहुंचाएं। बाघ या अन्य जंगली जानवर के दिखने पर इसकी जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
घुनघुटी क्षेत्र से पहुंचा बाघ
वन विभाग ने बताया कि इसके पहले चाका के खेत में बाघ का मूवमेंट देखने को मिला था, फिर घुनघुटी में बाघ ने एक महिला को अपना शिकार बनाया था, इसके बाद बिरुहलिया के जंगल में शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग कहना है कि बाघ घुनघुटी से मालाचुआ और शाहपुर के जंगल से होते हुए कठौतिया व उसके बाद बिरुहलिया के जंगल पहुंचा है। हालांकि इसके लिए टीम गठित कर जांच कराई जा रही है।
इनका कहना है
अंतरा बीट पचगांव के बिरहुलिया में बाघ ने जंगल गए ग्रामीण को मौत के घाट उतारा है। आसपास के गांव में मुनादी कराई गई है। साथ ही अनाउंसमेंट के माध्यम से भी अकेले जंगल न जाने की समझाइश दी गई है। तीन सर्किल की टीम को रात में निगरानी के लिए लगाया गया है।
बादशाह रावत, एसडीओ वन विभाग