27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आखिर किसने लूटे 20 लाख, अबतक नहीं सुलझी गुत्थी, जांच में जुटे हैं अफसर

बैंक वाहन घेरकर, गोली चलाकर लूट के वारदात को दिया था अंजाम

2 min read
Google source verification
After all, who robbed 20 million, read big crime news

शहडोल- पपौंध थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुरचौर घाटी पर कैश लेकर जा रहे बैंक का वाहन घेरकर गोली चलाते हुए 20 लाख लूट के मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। एसडीओपी के नेतृत्व में पांच पुलिस अफसर और चार पुलिसकर्मी हैं। एसडीओपी खुद भी मामले को लीड कर रहे हैं। 10 दिन में 24 घंटे पड़ताल पुलिस कर रही है लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है।

पुलिस ने मामले में कई संदेहियों से पूछताछ भी की है लेकिन कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है। उधर पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी भी हर दिन पपौंध और आसपास के गांवों के अलावा मुरचौर घाट पर मूवमेंट बनाए हुए हैं। सूत्रों की मानें तो दूसरे प्रदेश के बदमाशों ने यहां आकर वारदात को अंजाम दिया है।

गौरतलब है कि शाखा प्रबंधक जयराम प्रसाद त्रिपाठी शहडोल से बैंक से कैश लेकर कुआ गांव स्थित बैंक जा रहे थे तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने वाहन के सामने बाइक खड़ी करके कट्टे से फायर किया था। चालक राधेश्याम जैसवाल के ऊपर गोलियां चलाईं थीं और 20 लाख रुपए छीनकर भाग निकले थे। इस दौरान आरोपियों ने मोबाइल भी छीन लिया था, ताकि बैंक कर्मी पुलिस को सूचना न दे सकें।

रिकॉर्ड खंगाले, उप्र के हो सकते हैं लुटेरे
बदमाशों ने जिस तरह से लूट की वारदात की है और पुलिस ने सुराग खंगाले हैं। इससे यह सामने आ रहा है कि संभवत आरोपी अन्य जिले और उप्र से हो सकते हैं। स्थानीय लोगों की मदद से आरोपियों ने रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया होगा। पुलिस टीम ने पुराने बदमाशों के रिकार्ड भी खंगाले हैं और पूछताछ की, लेकिन कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है। सूत्रों की मानें तो उप्र और अन्य प्रांत के लुटेरे हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने आसपास के प्रांतों में भी टीम सक्रिय कर दी है। उधर पुलिस स्थानीय बदमाशों पर भी निगाह बना रखी है। जेल से निकलने वाले हर पर नजर है।

कुछ सवाल पुलिस को कर रहे गुमराह
- अधिकारियों की मानें तो 60 लाख रुपए की डिमाण्ड थी और एक दिन पहले पैसा लेकर जाना था। कैश पर्याप्त न होने के कारण सिर्फ 20 लाख ही दूसरे दिन लेकर जा रहे थे।
- अधिकांशत: बैंक कैशियर ही पैसा लेने जाते थे लेकिन घटना के दिन बैंक अधिकारी भी मौजूद रहे।
- कैश लेकर जाने के बाद वाहन रहवासी इलाके से न होकर जंगल के रास्तों से होकर जा रहा था।
- बदमाशों ने पहले से रेकी की थी। बदमाशों को पहले से पता था कि बैंक से 20 लाख का कैश लेकर वाहन निकला है और मुरचौर घाटी होकर बैंक तक पहुंचेगा।