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बांधवगढ़ के बाद अब छग की सीमा से बढ़ा जंगली हाथियों का मूवमेंट, वन अमले को कर रहे प्रशिक्षित

वन विभाग के कर्मचारियों को सिखा रहे हाथियों की पहचान, द्वंद रोकने के टिप्सहरदी के बाद अब शहर के नसरहा डिपो में हाथी मानव द्वंद्व रोकने जागरुकता कार्यक्रम

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बांधवगढ़ के बाद अब छग की सीमा से बढ़ा जंगली हाथियों का मूवमेंट, वन अमले को कर रहे प्रशिक्षित

बांधवगढ़ के बाद अब छग की सीमा से बढ़ा जंगली हाथियों का मूवमेंट, वन अमले को कर रहे प्रशिक्षित

शहडोल. बांधवगढ़ के बाद अब छत्तीसगढ़ की सीमा से शहडोल जिले में जंगली हाथियों का मूवमेंट बढ़ा है। दक्षिण वनमण्डल के सीमावर्ती क्षेत्रो में जंगली हाथियों की मौजूदगी को लेकर वन विभाग सजग है। हाथियों के जिले की सीमा में प्रवेश करने पर इन्हें रोकने व किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने वन अमले को सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात किया गया है। इसके अलावा वन अमले को जंगली हाथियों की पहचान व उनकी गतिविधियोंं से अवगत कराने उन्हे ट्रेनिंग भी दिलाई जा रही है। हरदी के बाद अब शहर के नरसहरा में ट्रेनिंग दी गई। नगर के नसरहा डीपो में दक्षिण वन मण्डल के सभी रेंज के अधिकारी व कर्मचारियों को जिला मानसेवी वन्यप्राणी अभिरक्षक व हाथी विशेषज्ञ पुष्पेन्द्र द्विवेदी ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीसीएफ एलएल उइके, अशोक सोलंकी डीएफओ दक्षिण वनमण्डल, बादशाह रावत एसडीओ सोहागपुर सहित सभी रेंज के रेंजर व उनका स्टॉफ मौजूद रहा। जिला मानसेवी वन्यप्रणाी अभिरक्षक व हाथी विशेषज्ञ पुष्पेन्द्र द्विवेदी ने वन अमले को प्रोजेक्टर के माध्यम से हाथियों की अलग-अलग गतिविधियों के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान उन्होने हाथियों की पहचान कैसे करें, हाथी मानव द्वंद्व की स्थिति निर्मित होने पर क्या-क्या सावधानी बरतें, इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण के दौरान वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने हाथियों को लेकर कई सवाल भी किए। इसके पूर्व शहडोल के हरदी में ट्रेनिंग दी गई थी।
20 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है मौत
पिछले पांच साल से ज्यादा समय से जंगली हाथियों का मूवमेंट है। जंगली हाथी छत्तीसगढ़ के रास्ते संभाग में आकर वापसी नहीं किए हैं। इनके हमले से अब तक 20 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बांधवगढ़ व छग दोनों ओर से हाथियों का मूवमेंंट
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पनपथा बफर से लगे जिले के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के सोन नदी से सटे गांव पपौंध व आस-पास के क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट बना रहता है। इसके अलावा अब छत्तीसगढ़ की सीमा से अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में हाथियों ने डेरा डाल रखा है। जिले के दक्षिण वनमंडल के केशवाही क्षेत्र की सीमा से लगे होने की वजह से यह हाथी कभी भी जिले की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसे लेकर वन विभाग सजग है और वन कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहा है।