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बड़ी खबर बाघिन शव के नजदीक एक शावक का शव मिला

मॉनिटरिंग फेल होने से करंट लगाकर शिकार

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Big news found a cemetery near the body of a tiger

Big news found a cemetery near the body of a tiger

शहडोल- संभाग में इन दिनों कुछ सही नहीं चल रहा है लगातार वन्य प्राणियों के मौत की खबर सामने आ रही है। कल बाघिन के मौत की खबर आई थी। जिसके 30 घंटे बाद वन विभाग पता लगा पाया था की जो शव कल मिला था वो बाघ का है या बाघिन का। आज पोस्टमार्टम में ये बात पता लगी की ये शव बाघिन की है। अब अफसरों को ये डर सताने लगा की बाघिन के साथ दो शावक भी कैमरे में देखे गए थे। वो कहां हैं। जिसके बाद आज सर्चिंग में एक और शावक का शव मिला है। ये बाघ शावक है। जिसकी पुष्टि कर दी गई है। बाघिन के शव के नजदीक ही सर्चिंग के दौरान एक और शव मिला। जो बाघ शावक का था।

मॉनिटरिंग फेल होने की वजह से बाघिन और शावक का करंट लगाकर शिकार किया गया है। गौरतलब है की बाघिन के साथ ही पहले बाघ शावक को देखा गया था। बाघिन के शव मिलने के एक दिन बाद ही शावक का मिल जाने से अब हड़कंप मच गया है कि आखिर ये हो क्या रहा है। क्या कर रहा वन विभाग। क्या कर रही है प्रशासन। क्या वन्य प्राणी सुरक्षित नहीं हैं। पिछले कुछ दिन से लगातार वन्य प्राणियों के शिकार की खबरें आ रही हैं।

घुनघुटी रेंज में कल मिला बाघिन का शव
घुनटघुटी रेंज के कांचोदर बीट में कल मिला शव बाघ का नहीं बल्कि बाघिन का है। इसकी पुष्टि डॉक्टर्स की टीम ने कर दी है। 3 डॉक्टर्स की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम किया। 30 घंटे बाद वन विभाग की टीम ये पता लगा सकी की ये शव बाघिन का है। इतना ही नहीं जिस शव को 5 दिन पुुराना बताया जा रहा था वो 5 दिन पुराना नहीं बल्कि 10 दिन पुराना है। रात भर अफसर बाघ की पहरेदारी करते रहे। घुनघुटी में डॉग स्क्वॉड की टीम सुबह-सुबह ही पहुंच गई। गांवों में लगातार सर्चिंग चल रही है। इतना ही नहीं सर्चिंग के दौरान 2 ग्रामीणों के घर में भी घुसी है डॉग स्क्वॉड की टीम। ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की जा रही है। और इस बात का पता लगाया है जा रहा है की आखिर बाघ का शिकार किसने किया।

घुनघुटी में करंट लगाकर किया गया शिकार
नहीं थम रहा वन्यप्राणियों के मौत का सिलसिला, 16 दिन में 2 बाघ, 1 बाघिन, 1 शावक की मौत 15 दिन के भीतर दो बाघों की मौत के जांच का सिलसिला अभी थमा नहीं था कि घुनघुटी वन परिक्षेत्र में फिर एक बाघिन के शिकार की वारदात ने वन विभाग के मॉनीटरिंग की पोल खोल दी थी। और उसके कुछ घंटे बाद ही अब एक शावक के शव मिलने के बाद से हड़ंकप मच गया है। वन परिक्षेत्र घुनघुटी के अंतर्गत कांचोदर बीट के नजदीक सोमवार की सुबह आमगार गांव से सटे पहाड़ी के नीचे बाघिन की लाश मिली थी। यहां पर शिकारियों ने करंट लगाकर बाघिन का शिकार करने के बाद शव को पहाड़ी के नीचे फेंक दिया था।अधिकारियों ने संभावना जताई थी कि हाल ही में अहिरगवा में बाघिन का मूवमेंट था, जिसे कैमरे में भी ट्रैप किया गया था। और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद वो शव बाघिन का ही निकला। और जैसे ही पता लगा की वो बाघिन का शव है। उसके कुछ घंटे बाद ही एक और शावक का शव मिल गया। जिससे अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। १7 दिन के भीतर लगातार 2 बाघ,1 बाघिन, 1 शावक की मौत के मामले ने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

खेतों में मिले जीआई तार, संदेहियों से पूछताछ
वन विभाग के अधिकारियों ने आसपास के खेत और गांवों में जाकर पड़ताल की। इस दौरान खेतों में तार बांधने के लिए खंूटे और जीआई तार मिले हैं। टीम ने ग्रामीणों से संदेह के आधार पर पूछताछ कर रही है
लेकिन देर रात तक कोई नतीजा नहीं निकला।

विभाग को नहीं थी भनक, पुलिस ने दी सूचना
वन विभाग की फेल मॉनीटरिंग के चलते बाघिन के शिकार की भनक ही नहीं लगी थी। कई दिन तक शव पहाड़ी के नीचे खराब होता रहा लेकिन सूचना नहीं मिली। पुलिसकर्मी और परिजनों ने एक लापता किशोरी
की सर्चिग के दौरान जंगल में बाघिन का शव देखकर वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। हाल ही में घुनघुटी परिक्षेत्र के अर्जुनी बीट (धौरई) आरएफ 209 में पांच आरोपी शिकारियों के द्वारा करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया था। घटना के बाद डॉग स्वॉकाड की मदद से गुरुवार को ही शिकारियों की गिरफ्तारी की थी।

तीन दिन पहले पत्रिका ने चेताया, फिर भी नहीं जागे अफसर
घुनघुटी वन परिक्षेत्र के अलग- अलग जगहों में खेतों में करंट लगाया जा रहा है। वन्यजीवों के शिकार के लिए ग्रामीण रात के वक्त सीधे बिजली लाइन से जीआई तार को जोड़कर खेतों में बिछा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर पत्रिका ने ९ दिसंबर को खेतों में दौड़ रहा करंट, घुनघुटी क्षेत्र में बाघों की जिंदगी पर खतरा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें पत्रिका ने सचेत किया था कि घुनघुटी क्षेत्र में हाल ही में पांच से सात बाघों का मूवमेंट लगातार है। इसके बाद भी वन विभाग के अफसर नहीं सचेत हुए। नतीजन फिर से एक बाघ का करंट लगाकर ग्रामीणों ने शिकार कर लिया।

१7 दिन: 2 बाघ 1 बाघिन 1 शावक की मौत और एक तेंदुए का शिकार
संभाग वन्यजीवों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। १7 दिन के भीतर 2 बाघ और 1 बाघिन, 1 शावक की मौत हो चुकी है।१7 दिन में 5 वन्यजीवों के मौत के बाद भी विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।