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उल्टी-दस्त से कराहते रहे बच्चे, नहीं मिली एंबुलेंस, एक की मौत 5 गंभीर बीमार

दूषित छाछ पीने से बिगड़ी तबियत, एंबुलेंस नहीं मिलने से रातभर नहीं मिला इलाज

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शहडोल. जैतपुर के अंतिम छोर में जंगलों के बीच बसे कोठीताल गांव में दूषित छाछ पीने की वजह से एक बालक की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत नाजुक बनी हुई है। ग्रामीणों का जिला अस्पताल शहडोल में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, राजेश पलिका के घर में गांव के एक परिवार ने छाछ पहुंचा दिया था। शाम को बच्चों ने छाछ पी लिया था। कुछ छाछ की कढ़ी बनाकर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी खा लिया था। इसी दौरान रात में हालत बिगडऩे लगी। परिजनों के अनुसार, एक के बाद एक परिवार के सदस्य अचेत होने लगे और उल्टी-दस्त शुरू हो गई। हालत बिगडऩे पर आसपड़ोस के ग्रामीणों को जानकारी दी गई। रात में ही इलाज के लिए 108 एंबुलेंस को फोन किया गया लेकिन जवाब मिला की कोठीताल के लिए एंबुलेंस नहीं है। रातभर बच्चे और परिजन उल्टी दस्त और तेज दर्द से कराहते रहे लेकिन कोई मदद नहीं मिली।

बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचे

फोन घनघनाने पर कोठीताल के लिए एंबुलेंस न होने और रास्ता न होने की बात कही गई। किसी तरह सुबह शिक्षक की मदद से बाइक से अचेत अवस्था में इलाज के लिए ग्रामीण जैतपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर इलाज से पहले ही 6 वर्षीय लवकेश की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत नाजुक बनी हुई थी। बाद में डॉक्टरों ने इलाज के लिए शहडोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जैतपुर पुलिस ने परिजन और ग्रामीणों का बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

खेत गए थे परिजन, आए तो देखे अचेत थे बच्चे
परिजनों ने बताया कि परिवार के सदस्य गुरुवार की दोपहर में खेत गए थे। घर में बच्चे अकेले थे। इसी दौरान गांव के एक परिवार ने छाछ पहुंचा दिया था। बच्चों ने शाम से ही छाछ पीना शुरू कर दिया था। खेत से लौटकर परिजन देखे तो बच्चे अचेत थे और उल्टी-दस्त कर रहे थे। परिजन सामान्य समझकर छाछ का सेवन कर लिया। जिसके कुछ समय बाद हालत बिगड़ गई। इस दौरान लवकेश की मौत हो गई। जबकि उदयभान, राजेश, अखिलेश, सुंती और धनराज को जैतपुर से शहडोल के लिए रेफर किया गया, जहां पर ग्रामीणों का इलाज चल रहा है।

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पहले भी उजागर हो चुकी है लापरवाही
पूर्व में भी वाहन न मिलने पर शव साइकिल और ऑटो से ले जाने के मामले सामने आ चुके हैं। एंबुलेंस न मिलने की वजह से अक्सर मरीजों को भटकना पड़ता है। कई एंबुलेंस मेंटेनेंस में हैं। कई बार रेफर केस जबलपुर और रीवा ले जाने की स्थिति में भी एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। हाल ही में एक महिला को खाट में रखकर नदी पार कराने का मामला भी सामने आया था। बाद में कलेक्टर ने जांच और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे।

जांच कराएंगे। ग्रामीणों को क्यों एंबुलेंस नहीं मिली। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ एमएस सागर, सीएमएचओ शहडोल