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रिटायर्ड रेलकर्मी केशलेस कार्ड के जरिए करा सकेंगे इलाज

देश के सात सौ से अधिक अस्पतालों में मिलेगी मुफ्त चिकित्सा सेवा

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Cure for retired railway workers through cashless card

Cure for retired railway workers through cashless card

शहडोल. रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देश भर के 700 अस्पतालों में कैशलेस इलाज सुविधा दी गई है। इसके लिए सभी रेल कर्मचारियों व उनके परिवार का एक कार्ड बनाया जाएगा। जिसे दिखाकर वे इमरजेंसी में उन अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। जिन्हें रेलवे ने अधिकृत किया है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रत्येक कर्मचारी का आरईएलएचएस कार्ड बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि कैशलेस इलाज सर्विस सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के लिए पूर्व रेलवे ने शुरुआत की गई थी। योजना कर्मचारियों के लिए काफी लाभप्रद होने के कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भी अपनाया है। इसके लिए कार्मिक व चिकित्सा विभाग ने पिछले दिनों कार्यशाला आयोजित कर केशलैस उपचार सर्विस के बारे में कर्मचारियों व रेल अधिकारियों को बताया भी है। इसमें बताया गया कि सेवा निवृत्त कर्मचारी अपनी रेल सेवा के उपरांत भारत के किसी भी क्षेत्र में हो, उन्हें इमरजेंसी की स्थिति में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 700 से अधिक अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा करा सकेंगे। इस सुविधा को कार्यान्वित करने की विधि एवं तरीके भी बताए गए है। बताया गया है कि कैशलेस ट्रीटमेंट सर्विस का लाभ दिलाने के लिए जल्द से जल्द सभी रेल मंडल के मुख्यालय में केशलैस ट्रीटमेंट सर्विस इन इमरजेंसी सीटीएसई हेल्थ फेसिलिटेशन काउंटर खोले जाएंगे। इसके लिए सेवा निवृत्त कर्मचारियों को आरईएलएचएस रिटायर्ड रेलवे इम्प्लाइज लिवरलीस्ड हेल्थ स्कीम कार्ड मुहैया कराई जाएगी। जिसके जरिए सेवा निवृत्त कर्मचारी जहां कही भी हो उस इलाके के समीप नामित अस्पताल से चिकित्सा करा सकेंगें। 48 घंटे के अंदर निकट के रेलवे डाक्टर जाकर उसका अस्पताल में परिचय प्रमाणित करेंगे। यह कार्ड भारत के अलग-अलग सभी जोन के अंतर्गत 500 से 700 अस्पतालों में मान्य एवं लागू होंगे। इस प्रकार रेलवे के सेवानिवृत कर्मियों और उनके आश्रितों को इलाज कराने के लिए उन्हें अब डॉक्टर से रेफर नहीं कराना पड़ेगा। पहले डॉक्टर से रेफर कराना पड़ता था। रेलवे के इस निर्णय से सेवानिवृत रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। कैशलेस इलाज की सुविधा रेलवे की ओर से देश के महानगरों तक सीमित थी, जिसे बढ़ाते हुए रेलवे ने पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है।
इनका कहना है
केशलेस कार्ड में संबंधित रेल कर्मचारी का पूरा डाटा रहेगा। जिसे अस्पताल में स्वीप करते पूरी जानकारी रेलवे से टाइअप किए अस्पताल को मिल जाएगी और वह मुफ्त इलाज सुविधा ले सकेगा।
अम्बिकेश साहू, जनसम्पर्क अधिकारी, दपूमरे, बिलासपुर जोन।