
जो प्रोजेक्ट पूर्ण बताए जा रहे उनकी जमीनी हकीकत कुछ और देखने को मिल रही
शहडोल. सरकर की महत्वाकांक्षी हर घर नल से जल प्रदाय योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। विभाग कागजों में योजनाओं को संचालित कर शासन प्रशासन को प्रोग्रेस रिपोर्ट बताकर गुमराह कर रहा है। जबकि हकीकत में 50 प्रतिशत प्रोजेक्ट भी अब तक पूर्ण नहीं हो सका, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिले में अब तक कुल 636 नल जल योजना स्वीकृत हुई हंै। जिसमें 263 ही पूर्ण हैं। विभाग अपने रिकार्ड में भी जिन प्रोजक्ट को पूर्ण बता रहा उसकी हकीकत कुछ और देखने को मिल रही है। नलजल योजना का निर्माण ठेका कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। ठेका कंपनी विभागीय जिम्मेदारों के साथ गठजोड़ कर प्रोजेक्ट में पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण कई पंचायतों में आज भी प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।
182 प्रोजेक्ट किया हैंडओवर
विभागीय जानकारी के अुनसार जिले में 182 प्रोजेक्ट पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन इसमें अधिकांश प्रोजेक्ट का संचालन कुछ दिनों के बाद बंद हो गया जो आज तक चालू नहीं हो सका। नल जल योजना के कार्य में विभागीय लापरवाही भी सामने आई है। विभागीय जिम्मेदरों की कमजोर मॉनीटरिंग के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कर रहे हैं। यहीं कारण है कि जिले में नल जल योजना का संचालन कुछ दिनों के बाद फेल हो जा रहा है और जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है।
केस-1
ग्राम पंचायत कल्याणपुर व कोयलारी में नल जल योजना का कार्य बीते तीन वर्षों से चल रहा जो आजतक पूर्ण नहीं हो सका। कल्याणपुर में अभी भी विद्युत कार्य व कुछ बस्तियों में कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। कोयलारी में तीन साल बाद भी लोगों को पानी नसीब नहीं हुआ।
केस-2
सोहागपुर के ग्राम धनपुरा में पांच महीने पहले नल जल योजना की शुरूआत की गई। यहां 10-15 दिनों तक ही ग्रामीणों को पानी नसीब हुआ। इसके बाद तकनीकी कारणों से सप्लाई बंद हो गई जो आज तक शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीण आज भी हैंडपंप व तालाब से पानी की अपूर्ति कर रहे हैं।
केस-3
गोहपारू जनपद के ग्राम कनवाही में नल जल योजना शुरू होनेे के बाद 3 दिन ही ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति हो सकी। ग्रामीणों के बताए अनुसार यहां पूर्व उपसरपंच के घर में पानी की सप्लाई 24 घंटे हो रही है। जबकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए आज भी परेशान होना पड़ा रहा है।
जिले की फैक्ट फाइल
ब्लॉक योजना की संख्या पूर्ण हैंडओवर
बुढ़ार 191 63 42
सोहागपुर 156 61 45
गोहपारू 81 49 32
ब्यौहारी 23 22 19
जयसिंहनगर 185 68 44
कुल 636 263 182
आंकड़े पीएचई विभाग के अनुसार
इनका कहना है
प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद पंचायत को हैंडओवर किया जा रहा है, आगे के रखरखाव के लिए पंचायत की जिम्मेदारी होती है। जहां काम अधूरे पड़े हैं, वहां कार्य पूर्ण करने ठेका कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।
एसएल धुर्वे, कार्यपालन यंत्री, पीएचई
Published on:
14 Oct 2024 12:04 pm
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