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कोरोना लॉकडाउन में 70 फीसदी घट गए शराबी

29 सरकारी मदिरा दुकानों में एक चौथाई हो रही शराब की बिक्री, संभागीय मुख्यालय में सक्रिय है पड़ोसी जिले के अवैध शराब के कारोबारी
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शहडोल

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Brijesh Chandra Sirmour

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Updated: 27 May 2020, 9:08 PM IST

यूपी पुलिस के बवंडर सिंह का दबदबा, नशे में टल्ली होकर वसूल रहा पैसा !

यूपी पुलिस के बवंडर सिंह का दबदबा, नशे में टल्ली होकर वसूल रहा पैसा !

शहडोल. जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन में सरकारी ठेके की दुकानों में शराब की बिक्री में काफी गिरावट देखी जा रही है। जबकि अधिकांश घरोंं में प्रतिदिन शराब की पैकारियां व महफिलें जम रही है। संभागीय मुख्यालय के मुख्य मार्गों के किनारे व खाली मैदानों पर पड़ी देशी व विदेशी शराब की बोतलें यह बयां करती है कि शहर में आखिर इतनी शराब कहां से आ रही है? सुबह यदि शहर व आसपास के इलाकों का एक चक्कर लगा लिया जाए तो इससे ही स्पष्ट हो जाएगा कि शहर व ग्रामीण इलाकों में शराब की कितनी खपत हो रही है। यह हालात तब भी बने हुए थे जब लॉकडाउन में सरकारी ठेके की शराब की दुकानों का संचालन बंद था। इसकी जब पत्रिका ने पड़ताल की तो पता चला कि सरकारी ठेकों पर शराब की बिक्री कम दर्शाई जा रही है, जबकि दलालों के माध्यम से घर-घर ज्यादा से ज्यादा शराब उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए पड़ोसी जिलों के भी कई दलाल सक्रिय दिख रहे हैं। जो अपनी लक्जरी वाहनों के माध्यम से जिले में घर-घर जाकर शराब की बिक्री कर रहे हैं। कुछ दलाल पुलिस की गिरफ्त में भी आए, मगर सख्त कारवाई नहंी होने की वजह से वह दोगुने उत्साह से अपने कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। जिले में नए ठेकेदार को ठेका मिलने का फायदा पुराने ठेकेदार अभी भी उठा रहे हैं।
शराब की बिक्री में लॉकडाउन बना बाधक
सरकारी शराब की दुकानों के ठेकेदारों की माने तो दुकानों में 70 से 75 फीसदी शराबी घट गए हैं। जिसकी मुख्य वजह लॉकडाउन में सरकारी दुकानों के संचालन का समय और पड़ोसी जिलों के दलालों की सक्रियता बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में शराब की अधीकृत कुल 29 दुकानें है। इन दुकानों को जिस नियम व शर्तों पर ठेका दिया गया है। उन शर्तों पर लॉकडाउन शुरू से ही बाधा बना हुआ था। इसके बाद जब चार मई को तीसरे लॉकडाउन के समाप्त होने के दो दिन बाद जिले में शराब की दुकानों का संचालन शुरू किया गया। ठेकेदार के समक्ष पिछले 13 दिनों की बिक्री का यह परिणाम सामने आया कि देशी शराब के 15 अधीकृत दुकानों में महज पांच से दस फीसदी ही शराब की बिक्री हो रही है। जबकि विदेशी शराब की अधिकृत दुकानों से 20 से 25 फीसदी लोग ही शराब की खरीदारी कर रहे हैं।
केस नम्बर वन
कोयलारी फाटक के पास पकड़ी थी अवैध शराब
लॉकडाउन थ्री के समाप्त होने के कुछ दिन पहले ही संभागीय मुख्यलय के कोयलारी रेल फाटक के पास एक लक्जरी वाहन में हजारों रुपए की विदेशी शराब जब्त की गई थी, जिसमें पुलिस कार्रवाई को रोकनें लिए कई राजनीतिक छवि वाले लोग सक्रिय हो गए थे, मगर पुलिस ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की थी।
केस नम्बर टू
करीब एक सप्ताह पहले सोहागपुर थानांतर्गत एक लक्जरी वाहन पुलिस ने मंहगी शराब की एक खेप पकड़ी थी। जिसमें नगर के कई रसूकदारों ने पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया था, मगर पुलिस ने पूरी सख्ती के साथ आरोपियों के विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की।