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नैनो साइंस व नैनो केमिस्ट्री को समझाया, कहा- बढ़ जाती है रासायनिक सक्रियता

पं. एसएन शुक्ल विश्वविद्यालय में वेबिनार का आयोजन

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नैनो साइंस व नैनो केमिस्ट्री को समझाया, कहा- बढ़ जाती है रासायनिक सक्रियता

नैनो साइंस व नैनो केमिस्ट्री को समझाया, कहा- बढ़ जाती है रासायनिक सक्रियता

शहडोल. पं. एसएन शुक्ल विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें विषय विशेषज्ञों व मुख्य वक्ताओं ने नैनो साइंस एवं नैनो केमेस्ट्री के मूलभूत सिद्धांतों को परिभाषित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. राम शंकर, कुलसचिव डॉ आशीष तिवारी, प्रो. प्रमोद पांडे, विभागाध्यक्ष डॉ एमके भटनागर रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ तनुश्री दास एसोसिएट प्रोफेसर कलिंगा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस भुवनेश्वर ने वर्चुअल लेक्चर के माध्यम से जिंक नैनो श्रेमिक ए सिंपल एनटीसी थर्मिस्टर मटेरियल विषय में व्याख्यान दिया। नैनो साइंस एवं नैनो केमेस्ट्री के मूलभूत सिद्धांतों को परिभाषित कर छात्रों का मार्गदर्शन किया जो कि छात्रों के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वेबीनार का संचालन करते हुए प्रोफेसर डॉ. एम के भटनागर ने नैनो साइंस एवं नैनो केमिस्ट्री के आधार भूत मूलभूत सिद्धांतों को परिभाषित करते हुए बताया कि किसी भी मैटेरियल जिंक को हम टेन टू द पावर माइनस 9 मीटर मे प्रयुक्त करते हैं वह नैनो मेटेरियल कहलाता है। इसमें रासायनिक सक्रियता के केंद्र बढ़ जाते हैं जिससे उसकी रासायनिक सक्रियता बढ़ जाती है। कुलपति प्रो. रामशंकर ने नैनो साइंस एवं नैनो मटेरियल के विभिन्न क्षेत्रों में महत्ता एवं उपयोगिता को रेखांकित किया। वेबीनार के आयोजन में आरकेएन चतुर्वेदी, डॉ. गीता मिश्रा, बुधराम कोल, लक्ष्मी सिंह का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ममता प्रजापति ने आभार प्रदर्शित किया। पं. एसएन शुक्ल विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों में शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति रुझान बढ़ाने व उनकी सोच को विकसित करने के उद्देश्य से अलग-अलग गतिविधियों आयोजित की जा रही है। नित नए नवाचार कर छात्रों को उनसे जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं।