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video story- बेखौफ रेत माफियाओं ने आधी रात ट्रैक्टर से कुचल कर पटवारी को उतारा मौत के घाट

अधिकारियों की सांठगांठ से लंबे समय से चल रहा था अवैध उत्खनन

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शहडोल. देवलोंद के गोपालपुर में शनिवार की रात पटवारी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या मामले ने अफसरों की सांठगांठ उजागर कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि दो दिन तक देवलोंद में लगातार कार्रवाई की थी। 30 हाइवा से ज्यादा रेत जब्त की थी। रात 8 बजे तक अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच शनिवार की रात में ही 11.45-12 के बीच बेखौफ खनन माफिया पटवारी को कुचलकर मार डालते हैं। सवाल उठता है कि माफिया इतने बेखौफ थे कि चार घंटे में ही अवैध खनन शुरू करा दिया था। किन अधिकारियों की गठजोड़ थी कि माफिया के इतने हौसले बुलंद थे। हालांकि दो दिन पहले हुई दबिश में जब्त रेत व कार्रवाई भी संदेह के घेरे में है। सवाल उठता है कि संवेदनशील क्षेत्र था, पांच साल पहले पुलिस और एसटीआर टीम पर हमला भी कर चुके थे, फिर पटवारियों को किस अधिकारी ने क्यों बिना सुरक्षा के भेजा। जिले में रेत का ठेका समाप्त होने के बाद भी रेत माफिया पुलिस व प्रशासन से आपसी गठजोड़ कर रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले संचालित कर रहे थे। पुलिस व जिला प्रशासन की उदासीनता से जिले के कई स्थानों से आज भी रेत का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। बीते तीन चार दिनों से रेत के अवैध ठिकानों पर कार्रवाई शुरू हुई थी। जो रेत माफियाओं को नागवार गुजरी और शनिवार की रात पटवारी निगरानी करने पहुंचे तो वाहन से कुचलकर हत्या कर दी।
उमरिया का वाहन, रामनगर का चालक
देवलोंद थाना प्रभारी आरपी मिश्रा ने जानकारी में बताया कि घटना रात करीब 12 बजे की है। ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 54 ए 2595 को जब्त करते हुए चालक शुभम विश्वकर्मा 22 वर्ष निवासी कुंआ रामनगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रैक्टर उमरिया की है जो स्थानीय लोगों के देखरेख में रेत के कारोबार में लगाया गया है। चालक रामनगर कुआं का है।
कुछ दूरी पर सीधी की सीमा, इसलिए आसानी से निकलते हैं वाहन
कुछ दूरी पर सीधी और फिर सतना ही सीमा है। यहां से रेत निकालने के बाद आसानी से सीमा क्षेत्र बदल जाता है। सांठगांठ ऐसी रहती है कि कुछ दूरी तक की जिम्मेदारी रहती है, बाद में दूसरा अमला जिम्मेदारी ले लेता है। काफी समय से यह गठजोड़ चल रहा है।
राजनीतिक संरक्षण में लंबे समय से चल रहा था, विवाद भी हुआ, कई बार गाडिय़ां रोकी
लंबे समय तक यहां पर स्थानीय दो नेताओं की गठजोड़ से बड़े स्तर पर रेत का अवैध कारोबार चल रहा था। पूर्व में दो नेताओं के बीच रेत को लेकर विवाद भी हुआ था। यहां तक की मामला सडक़ तक पहुंच गया था, और एक दूसरे के वाहन तक रोकने लगे थे इस मामले में भी सांठगांठ सामने आई है।
सबने साधी चुप्पी, पटवारियों की लगाई थी ड्यूटी, जानकार था प्रसन्न, इसलिए भेजा
ब्यौहारी क्षेत्र रेत भंडारण व खनन की रोकथाम के लिए पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शनिवार की रात भी चार पटवारी अधिकारियों के कहने पर ही पहुंचे थे। पटवारी प्रसन्न सिंह पहले गोपालपुर हल्का में रह चुके थे इस लिए उनको इस क्षेत्र की जानकारी थी। टीम के सदस्यों ने बताया गोपालपुर पहुंचते ही रेत लोड वाहन आते दिखा। इसी दौरान प्रसन्न कार से उतरकर रोका तभी कुचल दिया।
सांठगांठ: हाइकमान से हरी झंडी, इसलिए कार्रवाई से कतराता है मैदानी अमला
रेत का ठेका समाप्त होने के बाद भी प्रशासन की लापरवाही से रेत का अवैध कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है। बीते तीन चार दिनों से राजस्व, खनिज व पुलिस विभाग की टीम संयुक्त रूप से अवैध रूप से भंडारित रेत के ठीहे खदानों में दबिश देकर लगभग 30 से ज्यादा हाइवा रेत जब्त की थी।