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गुत्थी सुलझाने में लगा है वन विभाग, खंगाले यहां के रिकॉर्ड
शहडोल- वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाघों का शिकार और उनकी लगातार हो रही मौत अधिकारियों और कर्मचारियों के गले की फांस बन गई है। अब अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी बचाने में लगे हुए हैं। जानकारी में बताया गया है कि डीजीएफ के मिले निर्देशों के बाद अब वन विभाग का अमला गुत्थी सुलझाने में लगा हुआ है। उमरिया वन मण्डल के आमगार में हुई बाघिन और उसके शावक के शिकार मामले में वन विभाग की टीम सोमवार को दोपहर बिजली विभाग कार्यालय पहुंची और वहां बिजली ट्रिप रजिस्टर और शिकायत रजिस्टर खंगाले जिसमें यह जानकारी ली गई कि आमगार में कब और कितने बार बिजली ट्रिप हुई और बाघ के मौत के पहले और उसके बाद कितनी शिकायतें बिजली विभाग कार्यालय में दर्ज कराई गई।
बाघिन और शावक के शिकार मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 8 आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें पहले ही जेल भेज दिया गया था। इसके बाद दो अन्य आरोपियों को वन विभाग ने दो दिनों के लिए फारेस्ट रिमांड लेते हुए उनसे कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी आमगार निवासी लक्षमन बैगा और अभयराज ने कई राज वन विभाग के कर्मचारी डिप्टी रेंजर के विरुद्ध कई राज उगले इस सम्बन्ध में एसडीओ पाली राहुल मिश्रा ने बताया कि आरोपियों द्वारा जंगल में करंट लगाया गया था। दोनों आरोपियों ने बताया कि डिप्टी रेंजर ने बाघिन और शावक का शव छिपाने तथा करंट के लिए लगाई गई खूंटी तथा लग्गी छिपाने के लिए कहा गया था, जिससे मामले में पर्दा डाला जा सके। राहुल मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में सोमवार को पेश कर दिया गया है जहां से न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया है। दिया है।
Published on:
19 Dec 2017 11:31 am
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