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…तो मध्यप्रदेश के इस पड़ोसी राज्य के रास्ते से होती है सेंधमारी

अब सीमा पर भी जीएसटी विभाग हुआ चौकन्ना

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GST department in action, read this news

शहडोल- क्षेत्र में कोयला और लोहा-स्टील में कर चोरी के अंदेशे को लेकर जीएसटी विभाग शहडोल और अनूपपुर की टीमें सजग हैं। क्षेत्र में चिंहित सामग्री पर हो रही कर चोरी की सूचना एचओ ऑफिस इंदौर
को भी है, जो अलग-अलग समय पर दोनों ही जिलों की टीमों को जांच के अधिकार सौंपकर रात के समय कार्रवाई के लिए निर्देशित कर रहे हैं। विगत एक सप्ताह में जीएसटी विभाग शहडोल की टीम ने १५० वाहनों की जांच की हैं और कुछ वाहनों पर पेनल्टी भी लगाई है।



शहडोल जिले में महुआ और कोयला वाहनों पर कार्रवाइयां की गई हैं। वहीं अनूपपुर में छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे क्षेत्रों में जीएसटी अधिकारी देवेंद्र सिंह तेकाम ने भी 25० से अधिक वाहनों की चैकिंग की और कोयला, लोहा का बिना इ-वे बिल जनरेट किए परिवहन कर रहे वाहनों पर 3 लाख से अधिक का जुर्माना भी लगाया था।

जुर्माने के डर से अधिकांश वाहनों में मिल रहे बिल

इ-वे की जांच के लिए एचओ ऑफिस से अधिकारियों को पॉवर दे दिए जाते हैं, अधिकारी रात के समय सड़कों पर वाहनों की जांच कर रहे हैं। शहडोल में सहायक वाणिज्य कर अधिकारी बीएस धुर्वे व अनूपपुर में अधिकारी देवेंद्र तेकाम को अपनी टीम सहित कार्रवाई के निर्देश मिलते हैं। अधिकारियों की कार्रवाईयां ऑनलाइन होती हैं। अभी तक पकड़े गए वाहनों में जो कार्रवाईयां हुई हैं, उसमें वाहन चालकों को भारी भरकम जुर्माना चुकाना पड़ा है। जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि इस समय अधिकांश वाहनों में इ-वे बिल मिल रहा है। विभाग क्षेत्र में निगरानी किए हुए है।

पहले नंबर निरस्त, अब सड़कों पर चौकसी

दरअसल पड़ोसी प्रदेश छत्तीसगढ़ से बड़ी मात्रा में लोहा-स्टील बिना राज्यकर चुकाए क्षेत्र में आता है। जीएसटी लागू होने के पहले बॉर्डर क्षेत्रों के व्यापारी विभाग में पंजीयन कराकर टिन नंबर लिए हुए थे और छत्तीसगढ़ से माल मंगाकर रख लेते हैं। ऐसी स्थिती में सामग्री जिले में आ जाती थी उसके बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में उसकी सप्लाई होती थी। करीब 6 माह पहले विभाग ने ऐसे चिंहित बॉर्डर एरिया के व्यापारियों के पंजीयन ही निरस्त कर दिए थे, जो केवल इसी उद्देश्य को लेकर रजिस्ट्रेशन करवाए हुए थे और शासन को राजस्व का चूना लगा रहे थे। अब सड़कों पर भी जीएसटी विभाग की चौकसी बढ़ गई है।

बिल नहीं तो जुर्माना

शहडोल वाणिज्यिक कर अधिकारी ने बताया जिले के आसपास क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है। डेढ़ सौ से अधिक वाहनों को चेक किया गया है, जिसमें अधिकतर वाहनों में इ-वे बिल पाया गया है। वहीं जिन वाहनों में बिल नहीं था, जुर्माना लगाया गया है।