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यहां हो रही है सारी समस्याएं दूर, कीमत सिर्फ 10 रुपए !

आप भी जानिए कैसे होता है यहां हर समस्या का समाधान

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Here are all the problems away the price is only 10 rupees

शहडोल- संभाग का सबसे बड़ा मेला बाणगंगा मेला इन दिनों भरा हुआ है। 5 दिन तक चलने वाले इस मेले का आज चौथा दिन है। हर दिन भारी संख्या में लोग मेले का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। मेला पूरी तरह से सजा हुआ है। इस मेले में तरह-तरह की चीजें देखने को मिल रही है। जिनका लोग आनंद उठा रहे हैं। वैसे भी ये मेला बहुत फेमस है। यहां हमेशा ही इस तरह की भीड़ देखने को मिलती है। इस मेले में वैसे तो कई ऐसी खास चीजें देखने को मिली। जो आपको सोचने पर मजबूर कर दे।

10 रुपए में सारी समस्याएं दूर
बाणगंगा के इसी मेले में कुछ स्टॉल ऐसे भी लगे हैं। जहां साफतौर पर ये दावा किया जा रहा है कि 10 रुपए की एक अंगूठी लेने पर सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। उनका कहना है कि ये अंगूठी काले घोड़े के नाल से बनाई गई है। कई मंत्रों से इसे सिद्ध किया गया है। और इस अंगूठी को खरीदकर धारण करने से जो भी समस्याएं व्यक्ति के साथ जुड़ी हुई हैं वो खत्म हो जाएंगी।

इन स्टॉलों में काले घोड़े के साथ पोस्टर भी लगे हुए हैं। और उस पोस्टर में ये भी लिखा हुआ है कि यहां काले घोड़े के नाल की अंगूठी मिलती है। जो नौ गृहों और बारह राशियों पर काम करता है। व्यक्ति के साथ किसी भी तरह की समस्या जुड़ी हुई हो। वो इस काले घोड़े के नाल से बनी हुई, सिद्ध की हुई अंगूठी को अगर पहनता है तो उसकी सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। और इसकी कीमत भी मात्र 10 रुपए रखा गया है।

भगवान के सामने अगरबत्ती लगाकर एक साथ कई अंगूठियों को रख दिया गया है। स्टॉल में दुकानदार बैठा हुआ है। अंगूठी की विशेषताओं को बताने के लिए पहले ही पूरी बातें रिकॉर्ड कर ली गई हैं। उसे ऑन कर दिया गया है। दुकानदार से अंगूठी की विशेषताएं पूंछने पर वो कुछ नहीं बताता बस उसका यही कहना है कि सुन लीजिए अनाउंस हो रहा है।

कस्टमर्स की प्रतिक्रिया
ऐसा नहीं है कि मेले में एक ही स्टॉल है, इस करामाती अंगूठी को बेचने वालों के कई स्टॉल लगे हुए हैं। इन दुकानों में कस्टमर्स भी पहुंच रहे हैं। उस अंगूठी के बारे में पूंछने पर एक कुटिल मुस्कान दे देते हैं।
लेकिन कुछ कहते नहीं है। मतलब इस अंगूठी के बारे में कोई प्रतिक्रिया भी नहीं दे रहे हैं। कुछ लोग तो इसे खरीदते हुए भी नजर आए। तो कुछ लोग देखे मुस्कुराए, दुकानदार से उस अंगूठी की विशेषता पूंछे और आगे निकल लिए। तो वहीं कुछ ऐसे भी आए जो अंगूठी की नाप लिए, मुस्कुराए और आगे निकल लिए। तो कुछ ने ये कहकर खरीद लिया कि कोई बात नहीं 10 रुपए की ही है। ये वो लोग हैं जिनके लिए 10 रुपए के कोई मायने नहीं हैं। तो वहीं कुछ तो बड़ी शिद्दत के साथ आस्था के साथ इस अंगूठी को लेते भी नजर आए। तो कुछ ऐसे दिखे जिन्होंने बिल्कुल भी इन स्टॉलों पर अपना इंट्रेस्ट नहीं जताया।

करामाती अंगूठी बेचने वाला ही दुखी नजर आया
जब इस करामाती अंगूठी बेचने वालों से ही इस अंगूठी के बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ खास तो नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि ये हमारी रोजी रोटी है। कई साल से अंगूठी बेचते आ रहे हैं। अगर ये काम ना करें तो खाएं क्या, अगर कोई दूसरा काम हो जो हमसे आ जाए, और हमारी रोजी रोटी चल जाए, तो बता दीजिए वही काम कर लेंगे। एक तरह से देखा जाए तो दूसरों के दुखों को दूर करने वाली करामाती अंगूठी बेचने वाला दुकानदार ही दुखी नजर आया।