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ऐसे कैसे बनेगा स्वच्छ शहर, जब जिम्मेदार ही बन गए लापरवाह

बड़ी लापरवाही हुई है उजागर

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How to make such a clean city when it became responsible careless

शहडोल- ऐसे कैसे बनेगा स्वच्छ शहर, जब जिम्मेदार ही लापरवाह बन जाएं, साफ-सफाई का ढिंढोरा पीटने वाली नगरपालिकाएं स्वच्छता को लेकर खुद लापरवाह हैं। डोर - टू- डोर कचरा के निष्पादन में नगरीय निकायों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। मामले में पीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने शहडोल उमरिया और अनुपपुर को नोटिस थमाया है।

इतना ही नहीं इन नगरपालिकाओं से 15 दिन के भीतर जवाब भी मांगा है कि कचरा निष्पादन में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। हालांकि समय सीमा बीतने के बाद भी नगरीय निकायों ने अब तक पीसीबी को जबाव नहीं दिया है। जवाब मिलने के बाद संतोषजनक ना होने पर पीसीबी कार्रवाई भी कर सकता है। इसके अलावा अधिकारियों ने पत्र भेजकर टेचिंग ग्राउंड न होने पर भी आपत्ति जताई है और कचरा निष्पादन के लिए टेंचिंग ग्राउंड की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

खुले में कचरा, निष्पादन भी नहीं
पीसीबी के अधिकारियों के अनुसार डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बाद निर्धारित जगह में खुले में फेंका जा रहा है। शहडोल उमरिया और अनूपपुर की नगर पालिकाएं बेहतर निष्पादन नहीं कर रही है और न ही कचरे को गड्ढे में दबाया जा रहा है। जिसे लगातार आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के साथ बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में जानकारी मिलने पर पीसीबी की टीम ने तीनों नगरपालिकाओं के कचरा निष्पादन के क्षेत्र का जायजा लिया था जहां पर बड़ी लापरवाही मिली थी। पीसीबी के अधिकारियों ने तीनों नगरपालिकाओं को कई बार चेतावनी दी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद पीसीबी ने शहडोल उमरिया और अनूपपुर की नगरपालिकाओं को नोटिस दिया है। अब पीसीबी इन नगरीय निकायों के जबाव का इंतजार कर रही है।

इनका कहना है
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यपालन यंत्री एसपी झा के मुताबिक शहडोल उमरिया और अनूपपुर नगरपालिकाओं द्वारा डोर टू डोर कचरा निष्पादन में लापरवाही बरती है। कचरा एकत्रित करने के बाद बेहतर तरीके से निष्पादन नहीं किया जा रहा है। कचरा को सीधे फेंक दिया जा रहा है और गड्ढे में दबाया नहीं जाता है। इस संबंध में लापरवाही मिलने पर तीनो नगरपालिकाओं को नोटिस देकर जबाव मांगा गया है।