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कलेक्टर ने किया तालाब को शासकीय जमीन घोषित

नगर के बलपुरवा का मामला

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 kalektar ne kiya taalaab ko shaasakeey jameen ghoshit 42/5000 Collector declared the lake as government landकलेक्टर ने किया तालाब को शासकीय जमीन घोषित

kalektar ne kiya taalaab ko shaasakeey jameen ghoshit 42/5000 Collector declared the lake as government landकलेक्टर ने किया तालाब को शासकीय जमीन घोषित

कलेक्टर ने किया तालाब को शासकीय जमीन घोषित
नगर के बलपुरवा का मामला
राजस्व अभिलेख में इन्द्राज करने के कलेक्टर ने जारी किए आदेश
शहडोल. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ललित दाहिमा ने तहसीलदार सोहागपुर के प्रतिवेदन के बाद संभागीय मुख्यालय से लगे जिले के ग्राम पंचायत बलपुरवा में शासकीय भूमि पर मनमाने तौर पर किए गए अवैध कब्जों को शासकीय भूमि में दर्ज करने के आदेश जारी किए हंै। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा है कि ग्राम बलपुरवा में स्थित जमीन शासकीय राजस्व अभिलेख 1924-25 में तालाब, मेढ़ दर्ज अभिलेख है तथा तालाब, भीठा, जंगल भूमि का आंवटन तथा व्यवस्थापन करने का कोई वैधानिक प्रावधान कभी भी प्रभावशील नहीं था। कलेक्टर ने प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार एवं रीवा राज्य का कानूनी माल गुजारी तथा काश्तकारी अधिनियम 1953 के प्रावधानों के तहत कहा है कि बाग की भूमि, चारागाह, तालाब, सरकारी बांध आदि में किसी भी पट्टेदार काश्तकार के अधिकार प्राप्त नही होंगे और न समझे जाएंगे, जो आराजी पूर्व में तालाब भीठा में दर्ज थी मध्यप्रदेश शासन की घोषित की है। मामले में कलेक्टर द्वारा अनावेदक द्वारा लैखिक जबाब एवं तर्क प्रस्तुत किए जाने के बाद प्रकरण का अवलोकन करने के उपरांत तथा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1965 एवं विंन्ध प्रदेश माल गुजारी तथा काश्तकारी अधिनियम 1953 की धारा 149 एवं रीवा राज्य का कानून माल गुजारी काश्तकारी अधिनियम 1935 की धारा एवं धारा 43 ग, तथा धारा 44 एवं 45 के अंतर्गत तथ्यों का अध्ययन करने के बाद यह पाया कि विन्ध प्रदेश माल गुजारी तथा काश्तकारी अधिनियम 1953 की धारा 150 के अंतर्गत तालाब पर काश्तकार का हक नहीं होता। मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 1581(घ)(2) में भूमि स्वामी अधिकार किसी तालाब के भूमि स्वामी को प्राप्त न होने का उल्लेख किया गया है।
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालय को प्राप्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए ग्राम बलपुरवा स्थित उपरोक्त आराजी को शासकीय घोषित करते हुए तहसीलदार सोहागपुर को राजस्व अभिलेख में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि जो आराजियां पूर्व में तालाब या भीठा में दर्ज थीं वह मध्यप्रदेश शासन तालाब एवं भीठा में दर्ज की जाएं।