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कुपोषण का दंश – हड्डियों से चिपक गया था मांस, मुश्किल में मासूम

डेढ़ माह में सिर्फ दो किलो वजन, अतिकुपोषण के बाद भोपाल रेफर

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kuposhan ka dansh, Haddiyon se chipak gaya tha Mans

उमरिया/बिरसिंहपुर पाली- संभाग में कुपोषण लगातार मासूमों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में पाली में मिले अतिकुपोषित मासूम ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। डेढ़ माह में मासूम का वजन सिर्फ 2 किलो 2 सौ ग्राम है। मासूम अतिकुपोषण की चपेट में कुछ इस तरह है कि पूरा मांस हड्डियों से चिपक चुका है लेकिन मासूम अपने दर्द को बयां भी नहीं कर पा रहा है। लगातार बिगड़ती हालत के बाद महिला बाल विकास ने चिहिंत करते हुए पहले शहडोल में इलाज कराया।

हालत नहीं सुधरी तो भोपाल के लिए रेफर कर दिया है। पाली नगर पालिका क्षेत्र में स्थित वार्ड 13 में निवासरत एक गरीब परिवार के अति कुपोषित बच्चे को महिला बाल विकास अधिकारी मोनिका सिन्हा व स्वास्थ्य अधिकारियों के पहल पर एम्स भोपाल भेजा गया है। वार्ड नं. 13 में रहने वाले इसरत सलमानी के घर में बीते डेढ़ माह पूर्व एक बच्चा पैदा हुआ, जो कमजोर था। पैदा होते ही कुपोषण का शिकार हो गया। उसे पाली के पोषण पुनर्वास केंद्र में मई में भर्ती कराकर 14 दिन तक चार फॉलोअप में स्वास्थ्य उपचार दिया, लेकिन बच्चे की हालत नहीं सुधरी। उसका वजन 2 किलो 200 ग्राम था।

उसका वजन लगातार घट रहा था। ऐसी स्थिति में बच्चे को रेफर कर शहडोल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने भेजा गया था, लेकिन यहां पर भी अनदेखी का शिकार हो गया। हालत बिगड़ती चली गई। उसको एम्स तक इलाज के लिए भेजने में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों की भूमिका रही।


राज्य पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजा

लगातार मासूम की बिगड़ती हालत की जानकारी परिजनों ने विभाग को दी। महिला बाल विकास अधिकारी मोनिका सिन्हा, पर्यवेक्षक जेपी सिंह पीडि़त परिवार के घर पहुंचे और दोबारा उस पीडि़त कुपोषित बच्चे को पुन: पाली के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर पाली बीएमओ डॉ. वीके जैन को इसकी जानकारी देकर संभागीय सलाहकार यूनिसेफ दीपक पांडेय से चर्चा की। परिवार से बात कर राज्य पोषण पुनर्वास केंद्र भोपाल में भर्ती कराया है। जहां हालत में अब सुधार आ रहा है।