
Madan Mohan Malviyas birth anniversary
इस अंदाज में मनाई जा रही मदन मोहन मालवीय की जयंती
जानिए मदन मोहन मालवीय के बारे में और खास बातें
शहडोल- आज मदनमोहन मालवीय जी की 156 वीं जयंती समारोह मनाई जा रही है। कांग्रेस भवन शहडोल में भी राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने उनके द्वारा किए गए बेहतरीन कामों को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष मृदुरानी सिंह ने की और आभार प्रदर्शन झग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनिल पटेल ने किया। कार्यक्रम में मुख्य तौर पर ललित कुमार, सुनीता सिंह मार्को, केके मल, अजय सनपाल सहित
कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जानें मदन मोहन मालवीय के बारे में
भारत के शिक्षाविद् मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को इलाहाबाद में हुआ था। 1884 में उन्होंने बीए की डिग्री हासिल की और उसी साल कुमारी देवी से इन्होंने मिर्जापुर में शादी भी कर ली।
मदन मोहन मालवीय पहले ऐसे शख्स हैं जिन्हें मिली महामना की उपाधि, मालवीय बचपन से ही अपने पिता की तरह भागवत की कहानी कहने वाले कथावाचक बनना चाहते थे लेकिन उन्हें 1884 में सरकारी विद्यालय में शिक्षक की नौकरी करनी पड़ी। 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 144 धारा का उल्लंघन करने के कारण गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. राधा कृष्णन ने मालवीय के संघर्ष और परिश्रम के कारण उन्हें कर्मयोगी कहा था, 1898 में सर एंटोनी मैकडोनेल के सम्मुख हिंदी भाषा की प्रमुखता को बताते हुए, कचहरियों में इस भाषा को प्रवेश दिलाया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की स्थापना 1916 में मदन मोहन मालवीय जी ने ही की थी। वे चार बार 1909, 1918, 1930, 1932 में कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, 1924 से 1946 तक वे हिंदुस्तान टाइम्स के चेयरमैन रहे। मालवीय ने रथयात्रा के मौके पर कलाराम मंदिर में दलितों को प्रवेश दिलाया था।
Published on:
25 Dec 2017 03:46 pm
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