
इस गांव में निकल रहा है दूधिया पानी, चौपट हो रही किसानों की फसलें
शहडोल. संभागीय मुख्यालय से लगे ग्राम सिंदुरी के किसानों के खेतों में नई कोल माइंस का गंदा और प्रदूषित पानी बहाया जा रहा है। जिससे किसानों की खेतों में खड़ी गेंहू व सब्जी की फसल बरबाद हो रही है। साथ ही गंदा व प्रदूषित पानी पीने से पालतू पशु भी बीमार हो रहे है और किसानों के समक्ष जीवकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है।पीडि़त किसानों का कहना है कि कोल माइंस का दूधिया प्रदूषित पानी उनके खेतों में भर जाता है। प्रदूषित पानी की परतें भी खेतों में जम जाती हैं। जो गेंहू व सब्जी की फसलों को झुलसा रही है और फसलों में सडऩ शुरू हो जाती है। इसकी कई बार माइंस प्रबंधन से शिकायत की गई है। जिस पर एक-दो दिन के लिए पानी बहाना रोक दिया जाता है। इसके बाद फिर से पानी बहने लगता है। किसानों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि माइंस प्रबंधन उनकी इस समस्या का समाधान नहीं करता है तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पीडि़त किसानों में कपूरचन्द्र पटेल, श्यामबाई बैगा, डोमनिया बैगा, कुंतु बैगा, मोलई बैगा और रामकली बैगा सहित अन्य कई किसान शामिल हैं।
एक नाला व दो नदियों का प्रदूषित हो रहा पानी
समीपी ग्राम विचारपुर में संचालित अल्ट्राटेक सीमेन्ट विचारपुर कोल माइंस का वर्तमान में अण्डर ग्राउंड कोयला निकालने के लिए मुहाड़ा बनाया जा रहा है। जिससे निकलने वाले प्रदूषित पानी को सिंदुरी ग्राम के समीप बहने वाले लोटना नाला में बहाया जाता है। जिसका पानी पीकर पालतु पशु बीमार हो रहे है। लोटना नाला का पानी मुडऩा नदी के पानी से मिलकर मुडऩा व सोन नदी को भी प्रदूषित कर रहा है।
पानी से आती है बारूद व कार्बाइड की बदबू
पीडि़त कृषकों ने बताया है कि नाला में बहने वाला प्रदूषित पानी से बारूद व कार्बाइड की बदबू आती है। पानी का रंग दूधिया होता है। जिसे माइंस प्रबंधन द्वारा बनाए गए नाला व लोटना नाला के पानी में मिलान के दौरान कभी भी देखा जा सकता है। लोटना नाला में आने वाला साफ पानी व माइंस का प्रदूषित दूधिया पानी अलग-अलग दिखता है, मगर उसका बहाव एक होकर मुडऩा में जाकर मिलता है।
कोल माइंस के प्रदूषित पानी से हमारी काफी फसलें चौपट हो रही हैं। यदि इस पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र के किसानों द्वारा वृहद आंदोलन किया जाएगा।
कपूर चन्द्र पटेल, कृषक
कालरी का गंदा पानी पीकर हमारे पशु भी अज्ञात बीमारी के शिकार हो रहे हैं। उनका इलाज कराने में भी दिक्कत होती है। समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
मोलई बैगा, कृषक
इनका कहना है
किसानों के खेतों में कोल माइंस का पानी भरने की हमें शिकायत मिली थी, जिस पर प्रबंधन द्वारा संबंधित किसान के नुकसान का मुआवजा दे दिया गया था। अब यदि उन्हे अभी भी कोई शिकायत हैं तो वह मुझसे आकर मिल सकतें है, उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
सैयद ख्वाजा हसन कादरी, वाइस प्रेसीडेन्ट, अल्टाट्रेक सीमेन्ट कंपनी, विचारपुर
Published on:
02 Mar 2020 09:37 pm
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