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मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा को लेकर किया गया मॉक ड्रिल

अग्नि दुर्घटना में मरीजों की सुरक्षा,पहली प्राथमिकता

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अचानक उमरिया के वायरलेस रूम पहुंचे डीजीपी, एचएफ सेट दुरुस्त करने दिया एक माह का समय

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शहडोल. अग्नि दुर्घटना के समय बहुत ही सावधानी के साथ काम लिया जाना चाहिए। अस्पताल जैसी जगह मे मरीजों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब भी कभी ऐसी घटना सामने आए तो अस्पताल में इलाजरत मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने व उन्हे आग से बचाना पहली प्राथमिकता हो। यह बातें डॉ मिलिन्द शिरालकर डीन मेडिकल कॉलेज ने अग्नि सुरक्षा से संबंधित मॉक ड्रिल के दौरान कही। मॉक ड्रिल मे अग्निशामक यंत्रों एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर अग्नि सुरक्षा प्रभारी डॉ. अवतार जयसिंघानी एवं फायर मैन जितेंद्र पटेल ने उपस्थित पैरामेडिकल स्टाफ , सुरक्षा कर्मचारी, सफाई कर्मचारी एवं अन्य तकनीकी कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों की संचालन व अग्नि हादसों से बचने के आवश्यक उपायों की जानकारी प्रदान की। उन्होने बताया की आकस्मिक अग्नि दुर्घटना मे क्या-क्या एहतियात बरतना चाहिए। आग पर काबू पाने के साथ-साथ वहां किसी प्रकार की जनहानि न हो इसके लिए सर्वप्रथम तैयारी व उपाय किया जाना चाहिए। विशेषकर अस्पताल जैसी जगह में जहां मरीज अपनी जगह से उठने तक मे असमर्थ होता है, ऐसी स्थिति मे यदि अग्नि दुर्घटना हो जाए तो इनकी जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, साबिर खान, पुष्पेंद्र पाठक, सुरक्षा अधिकारी चंदन मिश्रा, हितेश खातरकर सहित अन्य स्टॉफ मौजूद रहा।

नि:शुल्क हृदय जांच शिविर आज
शहडोल. जिला अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में १६ जून को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चे के हृदय की जांच शिविर में नि:शुल्क होगी। शिविर में मुंबई के एसआरसीसी चिल्ड्रंस हॉस्पिटल के नारायण हेल्थ द्वारा बच्चों की ईसीएचओ कर जांच की जाएगी। जांच के बाद चयनित बच्चों का मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत नि:शुल्क सर्जरी कराई जाएगी। सीएमएचओ ने कहा कि अधिक से अधिक लोग शिविर में पहुंचकर अपने बच्चों की नि:शुल्क जांच कराकर लाभ ले सकते हैं।