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शहडोल। पूरे मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र का पर्व मनाया जा रहा है। वहीं शहर के वार्ड नंबर 20 में रहने वाले आदर्श वर्मा की पत्नी सुरभि वर्मा ने पहले वोट किया और उसके बाद अपना सीजर कराया। इसके बाद उनको कन्या रूपी रत्न प्राप्त हुआ। सुरभि का कहना है कि वह बहुत खुश है क्योंकि उन्होंने अपना वोट किया है और उसके बाद बेटी को जन्म दिया।
12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाकर कर सकेंगे मतदान
निर्वाचन आयोग ने विधानसभा निर्वाचन 2023 में सभी मतदाताओं को क्यूआर कोड वाली मतदाता सूचना पर्ची वितरित की है। क्यूआर कोड वाली मतदाता सूचना पर्ची से मतदाता अपने मतदान केन्द्र का क्रमांक, पता, निर्वाचक नामावली में क्रमांक राज्य और जिले का हेल्पलाइन नम्बर जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
यदि किसी मतदाता के पास मतदाता सूचना पर्ची नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में है, तो मतदान के लिए फोटोयुक्त वोटर आईडी कार्ड के अलावा 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार/पीएसयू/सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसेबिलिटी
आईडी कार्ड में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाकर 17 नवंबर को मतदान कर सकता है, अप्रवासी भारतीय मतदाताओं (एनआरआई) को केवल पहचान के लिए अपना मूल पासपोर्ट दिखाना होगा। फोटो ईपिक में किसी मतदाता के फोटोग्राफ आदि का मिलान न हो पाने से मतदाता की पहचान करना संभव नहीं है, तो उस मतदाता को उपरोक्त 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज दिखाना होगा।
क्या कहना है शहर का .....
वहीं शहर के लोगों का कहना है कि क्षेत्र का विकास भी उतना ही जरूरी है, जितना देश व प्रदेश के विकास की बात की जाती है। ग्रामीण अंचलों में आज भी लोग मूलभूत सुविधा को तरस रहे हैं। क्षेत्र में उद्योग के साधन न होने से युवा वर्ग शिक्षत होकर रोजगार की तलाश में भटक रहा है। मजदूरी के लिए लोग अन्य बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद पांच साल ग्रामीण इलाकों में नहीं पहुंचते जिसके कारण ग्रामीणों को कई मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ता है। आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां सड़क नहीं बनी है।
जिसके कारण ग्रामीणों को एम्बुलेंस जैसी सुविधा नहीं मिल पाती। ग्रामीण मरीज को खटिया से लेकर मुख्य मार्ग तक पहुंचते हैं जिसके बाद साधन उपलब्ध हो पाता है। युवाओं ने कहा इस बार ऐसे प्रत्याशी को मतदान करेंगे जो आमजन की समस्या को समझे और क्षेत्र के विकास में भी अपना पूरा योगदान दे।
Published on:
17 Nov 2023 11:32 am

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