स्टेशन फंड से होगी बच्चों के खाने, उपचार व फोटो खीचनें की व्यवस्था
शहडोल. घर से भटक कर रेलवे स्टेशन आने वाले बच्चों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब स्टेशन मास्टरों को दी गई है। पूर्व में चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट के तहत ऐसे बच्चों को उनके परिजन या आश्रम में भेजने के लिए रेलवे से सहयोग मांगा गया था। इसके तहत रेलवे बोर्ड ने सभी स्टेशन मास्टरों को निर्देश जारी किया है। इस प्रकार घर से भटक कर रेलवे स्टेशन आने वाले बच्चों को अब स्टेशन मास्टर आश्रय देंगे। साथ ही जीआरपी व आरपीएफ की सहायता से उनके घर या सुरक्षित जगह में पहुंचाया जाएगा। स्टेशन को मिलने वाले फंड से बच्चों के खाने, उपचार व फोटो खिंचने का खर्च वहन किया जाएगा। रेलवे स्टेशन व स्टेशन परिसर में कोई बच्चा भटकते हुए दिखे तो स्टेशन मास्टर उन्हें अपने पास रखेगा। इसकी सूचना जीआरपी, आरपीएफ के माध्यम से ऐसे किसी स्वयं संगठन को देंगे। जो बच्चों के संरक्षण के लिए काम करता है। इस बीच बच्चे के खाने, उसके अस्वस्थ होने पर उपचार में आने वाले खर्च स्टेशन फंड से वहन किया जाएगा। इसके अलावा बच्चे की फोटो खींचकर रखनी होगी। ताकि उनके माता-पिता से पहचान कराई जा सके। रेलवे बार्ड के इस निर्देश का पालन होने पर किसी कारण से घर से भागने वाले बच्चे गलत हाथों में जाने से बच सकते हैं।
इनका कहना है
रेलवे स्टेशन में भटके बच्चों के खाना, उपचार व फोटो में लगने वाली राशि का उपयोग स्टेशन फंड से किए जाने के निर्देश आए हैं। जिसके परिपालन में आगे कार्य किया जाएगा।
केपी गुप्ता
रेलवे स्टेशन मास्टर, शहडोल
बिलम्ब से आई तीन ट्रेनें
शहडोल. संभागीय मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में रक्षाबंधन के दूसरे दिन सोमवार को तीन ट्रेनें काफी बिलम्ब से आई। बरौनी से गोंदिया जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह ९.१५ बजे के स्थान पर दो घंटे बिलम्ब से दोपहर सवा बारह बजे आई। इसी प्रकार गोरखपुर से दुर्ग जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह ७.१० बजे के स्थान पर साढ़े चार घंटे देरी से सुबह ११.४५ बजे शहडोल आई। इसी प्रकार छपरा से दुर्ग जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय रात ११.३० के स्थान पर साढ़े चार घंटे बिलम्ब से सुबह ४.३० बजे आई। जिससे अनूपपुर, बिलासपुर व रायपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी पीहर से वापस लौटने वाली महिलाओं को हुई।