शहडोल. बुढ़ार के सरइकापा में पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करना एक आदिवासी युवक को महंगा पड़ गया। शिकायत से नाराज होकर गांव के कुछ दबंगों ने उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया, जिससे गंभीर चोट आई है। मंगलवार को ग्राम सरइकापा के सैकड़ों ग्रामीण पीडि़त राम कुमार बैगा पिता मिड्डा 40 वर्ष के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। लिखित शिकायत करते हुए बताया कि सोखा नदी में पुलिया का निर्माण चल रहा था, जिसकी शिकायत पीडि़त ने 20 जून को वरिष्ठ अधिकारियों से किया था। जिस बात से गांव के कुछ लोग नाराज हो गए। 28 जून की रात जब पीडि़त अपने खेत से वापस घर जा रहा था, इसी दौरान गाली गलौज करते हुए तीन चार लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। जिससे रामकुमार बैगा का पैर फैक्चर हो गया वहीं शरीर में भी गंभीर चोट आई है। पीडि़त इसकी शिकायत बुढ़ार थाने में किया लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर उसने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। गांव के जनप्रतिनिधि ने की मारपीट एसपी को शिकायत करते हुए राम कुमार बैगा ने बताया कि ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि के माध्यम से सोखा नदीम में पुल का निर्माण किया जा रहा है। जो गुणवत्ता विहीन है। इसकी शिकायत उसने संबंधित विभाग से की थी, जो जनप्रतिनिधि को नागवार गुजरी। इसी से नाराज होकर जनप्रतिनिधि ने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 जून की रात करीब 9 बजे जानलेवा हमला कर दिया। पीडि़त ने बताया कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण बुढ़ार थाना में उसके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया।
कंधे के सहारे पहुंचा एसपी दफ्तर
मारपीट में राम कुमार बैगा का पैर फैक्चर हो जाने के कारण वह चलने फिरने में असमर्थ है। बुढ़ार थाना में कार्रवाई न होने के कारण उसे मजबूरन एसपी से शिकायत करने आना पड़ा। पीडि़त के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी इस दौरान मजूद रहे। जो न्याय की मांग कर रहे थे। पीडि़त को कंधे में उठाकर लोग एसपी कार्यालय तक लेकर पहुंचे। पुलिस ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।