
PHE department made a plan to deal with water crisisBad handpump will improve on one call in one day
शहडोल. पीएचई विभाग ने गीष्म काल में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले जल संकट से निपटने के लिए गांवों का सर्वे कराने के बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। शासन द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद जिले में लगभग 50 टयूबवेलों की स्थापना कराने के लिए टेंडर जारी कर जल अभाव वाले गांवों में ठेकेदार के माध्यम से टयूबवेलों की स्थापना कराने का कार्य कराया जाएगा। बताया गया है कि पीएचई विभाग द्वारा जनपद और तहसील स्तर पर ग्राम पंचायतों में आने वाले गांवों का फरवरी और मार्च के महीने में सर्वे का कार्य कराया था, और इसके बाद जल अभाव वाले गांवों को चिन्हित करने के बाद कार्य योजना बनाई थी, जिससे गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली पानी की समस्या से निजात मिल सके।
विधायक ने आपदा प्रबंधन समिति में उठाया था मामला-
कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित आपदा प्रबंधन की बैठक के दौरान अप्रैल महीने में जैतपुर विधानसभा की विधायक मनीषा सिंह ने कोल माइंस और रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों का जिक्र करते हुए जल संकट की स्थिति का मामला उठाया था। इस दौरान उन्होने बकहो, अमलाई, खैरहा, धनपुरी क्षेत्र के आसपास गांव और सोन नदी के किनारे बसे गांवों और बुढ़ार क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में जल संकट की स्थिति बताई थी, इसके बाद कलेक्टर सत्येन्द्र सिंह ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को जल अभाव गांवों में पानी की व्यवस्था कराने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
जल संकटग्रस्त गांव में लगाए जाएंगे टयूबवेल
जल अभाव वाले गांवों में पानी की समस्या दूर करने के लिए कार्य योजना बनाई गई है। जिले में लगभग 50 टयूबवेल लगाने का कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जाएगा।
एचएस धुर्वे
कार्यपालन यंत्री
पीएचई विभाग
शहडोल
Published on:
02 Jun 2020 12:56 pm
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