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पीएससी प्रवेश परीक्षा में आयु सीमा घटाने का विरोध, काली पट्टी बाधकर युवाओं ने किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
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शहडोल

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raghuvansh prasad mishra

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Updated: 21 Jun 2019, 9:07 PM IST

 Protest against boycott of age limit in PSC entrance exam, youth protest by black bars

पीएससी प्रवेश परीक्षा में आयु सीमा घटाने का विरोध, काली पट्टी बाधकर युवाओं ने किया प्रदर्शन

बुढ़ार। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में आयु सीमा को घटाए जाने का विरोध शुक्रवार को युवाओं ने हाथ में काली पटटी बांध कर किया गया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। युवाओं का विरोध मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में आयु सीमा में परिवर्तन करते हुए मध्य प्रदेश के सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए आयु सीमा को 40 वर्ष से घटाकर 35 वर्ष जबकि एसटी एससी एवं महिला प्रतिभागियों के लिए 45 वर्ष से घटाकर 40 वर्ष कर दिया गया है। जिससे राज्य लोक सेवा आयोग की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखो छात्रों के भविष्य पर अंधेरा छाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस न्याय संगत मांग को लेकर बुढार में सैकड़ों युवाओ ने क्षेत्र के युवा नेता शैलेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के समक्ष हाथ में काली पट्टी बांधकर एक दिवसीय सामूहिक उपवास रखा एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग में मध्य प्रदेश के छात्र छात्राओं के लिए आयु सीमा को पूर्व की भांति यथावत करने की मांग की। विदित है कि पूर्व में मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए मध्यप्रदेश के सामान्य वर्ग के मूल निवासियों की आयुसीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष थी। जबकि बाहरी राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए यह आयु सीमा 21 वर्ष से 28 वर्ष तक थी। बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह निर्णय दिया गया है कि राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बाहरी एवं प्रदेश के छात्र छात्राओं की आयु सीमा को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकता। जिसको आधार बनाकर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी एवं प्रदेश के सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं की आयु सीमा में संशोधन करते हुए आयु सीमा को 21 वर्ष से 35 वर्ष कर दिया गया है। इसी प्रकार एसटी एससी एवं महिला प्रतिभागियों के लिए आयु सीमा को 45 वर्ष से घटाकर 40 वर्ष कर दिया गया है।
जिससे बाहरी छात्र छात्राओं का तो फायदा साफ दिखाई दे रहा है लेकिन मध्यप्रदेश के लाखों छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए है। जिनके लिए आयु सीमा 40 वर्ष से घटाकर 35 वर्ष व 45 से घटाकर 40 वर्ष कर दी गई है। जिससे ऐसे लाखों छात्र-छात्राओं के समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। इस अवसर पर युवा नेता शैलेंद्र श्रीवास्तव के अलावा संजय सिंह परिहार प्रदीप त्रिपाठी परवेज खान दीपेंद्र चतुर्वेदी रविंद्र शर्मा नीरज साकेत शिवानी दुबे विजेंद्र अनुराग पाल,रवी कांत त्रिपाठी गोकुल नापित प्रिंस त्रिपाठी दीपिन चतुर्वेदी रविंद्र शर्मा संदीप शर्मा शिवानी दुबे रितु तिवारी अमित सिंह माया रुखसाना स्थिति प्रीति डॉक्टर वर्मा रुकमणी सीता राम पासवान अभिषेक खरे पंकज गौतम एवं सैकड़ों की संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।