25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्व वसूली नही हुई तो अधिकारी ने दी चेतावनी

164 में 101 करोड़ की हो सकी राजस्व वसूली

2 min read
Google source verification
Revenue collection

Revenue collection

शहडोल. कमिश्नर द्वारा डीएमएफ मद से कराये जा रहे कार्यों की मंगलवार को समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान खनिज अधिकारी शहडोल ने बताया कि शहडोल जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 164 करोड़ रुपये खनिज राजस्व वसूली का लक्ष्य था जिसके विरुद्ध 101 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर लिया गया है। उन्होने बताया कि शहडोल जिले में डीएमएफ से 18 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे।
खनिज अधिकारी अनूपपुर ने बताया कि अनूपपुर में डीएमएफ मद से वर्ष 2016-17 में 34 करोड रुपये के 497 निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये थे वहीं वर्ष 2017-18 में 22 करोड़ रूपये की राशि डीएमएफ मद में प्राप्त हुई है जिसके निर्माण कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं। जिला खनिज अधिकारी उमरिया ने बताया कि उमरिया में डीएमएफ मद से 220 कार्य स्वीकृत किए गए थे जिसमें 138 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में 19 करोड 16 लाख रूपये की राशि डीएमएफ मद से प्राप्त हुई थी 7 विभागों के कार्य स्वीकृत हुए हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि डीएमएफ मद के निर्माण निर्धारित मापदण्ड के अनुसार स्वीकृत होना चाहिए तथा उच्च गुणवत्ता के होने चाहिए। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि डीएमएफ के कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए।

...................................
रोजगार सहायक की संविदा सेवा समाप्त
शहडोल. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढ़ार ने ग्राम पंचायत धनौरा के रोजगार सहायक की सेवा समाप्त के आदेश जारी किए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढ़ार द्वारा 5 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत धनौरा के दुर्गेश चौधरी एवं सेवालाल चौधरी द्वारा संभागायुक्त से 23 फरवरी 2017 को शिकायत की गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2016 जनवरी एवं मार्च में लगभग 50 व्यक्तियों से मेढ़ बंधान का कार्य कराया गया था। तीन माह तक कार्य कराने के बाद मजदूरी का भुगतान नही किया गया है। जिसके लिए उनके द्वारा रोजगार सहायक व सचिव से कई बार मांग की गई है। शिकायत कर्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सेवा समाप्ति की की
गई है।