शहडोल. रिलायंस सीबीएम कंपनी द्वारा किए जा रहे मीथेन गैस बोर ड्रिलिंग के दौरान बुधवार की रात अचानक हुए विस्फोट आग लग गई। आग लगने के कारण गांव के लगभग एक दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए व मीथेन गैस की चपेट मे आने के कारण लगभग 40 से अधिक ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। घटना संभागीय मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर बुढ़ार थाना के गांव चंगेरा की है। विस्फोट इतना भयानक था कि लोग डऱ के कारण घरों से बाहर निकल आए और शोर मचाने लगे। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रिलायंस कंपनी मे लगी वाहन जीप मे तोडफोड़ करते हुए डयूटी में तैनात रिलायंस कंपनी के चार कर्मचारियों की जमकर पिटाई कर दी।
पिटाई के दौरान एव वाहन चालक का पैर टूट गया। घटना की जानकारी कंपनी के कर्मचारियों ने थाना बुढ़ार को रात 10 बजे दी, इसके बाद गांव पहुंची रात 11 बजे के बाद पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को समझाइस दी, तब जाकर मामला कहीं जाकर शांत हुआ। हादसे के बाद सुबह ग्रामीणों ने चंगेरा से बुढ़ार की ओर जाने वाले मार्ग मे धरना प्रदर्शन करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। हादसे के 16 घंटे बाद मीथेन गैस के रिसाव को नहीं बंद किया जा सका, वहीं ग्रामीणों के इलाज के लिए स्वास्थ्य अमला भी शाम 6 बजे तक नहीं पहुचा, जिससे ग्रामीणों मे आक्रोश बना हुआ है।
मीथेन गैस से 40 ग्रामीण प्रभावित
रिलायंस बोर ड्रिलिंग के दौरान हुए विस्फोट के बाद गांव मे फै ली मीथेन गैस के कारण लगभग 40 लोग प्रभावित हो गए, इन प्रभावितों मे ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। जिनके बदन में जलन, गले में घुटन, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सूजन, सांस लेने मे तकलीफ होना बताया गया है। प्रभावित लोगों मे कृष्णा यादव, लछिमन यादव, साबिया यादव, सिरबतिया यादव, गौरव यादव, रमाकान्त यादव, लखन यादव, जगदीश यादव, अजय यादव, लल्ली यादव, वेद यादव, सहित अन्य बच्चों समेत महिलाओं और पुरुषों के नाम शामिल हैं।
दोपहर पहुंचा प्रशासननिक अमला और विधायक
घटना के बाद गुरुवार को दोपहर 1 बजे घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सुशांत कुमार सक्सेना, एसडीएम एसपी मिश्रा, जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, टीआई सतीश द्विवेदी और बुढ़ार तहसीलदार समेत रिलायंस के अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को सुरक्षा की गारंटी दी और एसडीएम ने गैस की ड्रिलिंग का काम बंद करने और बोर को सील करने का निर्देश दिया, लेकिन इसके बाद भी आक्रोसित ग्रामीणों का गुस्सा नहीं शांत हुआ, तब मौके की नजाकत को देखते हुए प्रशासनिक अमले ने ग्रामीणों और रिलायंस कंपनी के अधिकारियों के बीच आपसी समझौता कराते हुए मुआवजा व सुरक्षा देने और गांव मे मूलभूत सुविधाएं दिलाने की बात कही तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
कल रात हुए हादसे के बाद लगभग 40 ग्रामीण मीथेन गैस से प्रभावित हुए हैं और लगभग एक दर्जन ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मीथेन गैस प्रभावितों के इलाज और उनकी जांच के लिए जबलपुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाई गई है। कंपनी को धारा 133 के तहत नोटिस जारी किया जा रहा है। प्रभावितों को जल्द ही मुआवजे की राशि का वितरण किया जाएगा।
एसपी मिश्रा, एसडीएम सोहागपुर
रिलायंस अधिकारियों पर मामला दर्ज