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पटना हॉस्टल कांड की जांच पर रोहिणी ने खड़े किए सवाल, पूछा- हॉस्टल मालिक, डॉक्टर, आरोपी सब आजाद क्यों?

पटना हॉस्टल कांड की जांच को लेकर रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार और SIT पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि हॉस्टल संचालक, उनका बेटा और डॉक्टर अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। रोहिणी ने आरोप लगाया कि जांच की गति धीमी है और आरोपियों को साक्ष्य मिटाने का समय दिया जा रहा है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 19, 2026

पटना हॉस्टल कांड | Patna NEET student rape-murder case

पटना हॉस्टल कांड (फोटो- Rohini Acharya X)

पटना हॉस्टल कांड में NEET छात्रा के साथ यौन हिंसा और हत्या के खुलासे के बाद पूरे बिहार में राजनीति गर्म है। जांच SIT के हाथ में है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है, अस्पतालों पर छापे मारे जा रहे हैं और डॉक्यूमेंट्स जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन गिरफ्तारी और कार्रवाई की रफ्तार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस पर सीधे सवाल दागे।

रोहिणी ने पूछा कब होंगे आरोपी गिरफ्तार

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, “पूछता है बिहार… कब होंगे आरोपी गिरफ्तार?” उन्होंने दावा किया कि न तो हॉस्टल मालिक अग्रवाल दंपति, न उनका बेटा, और न ही प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के CMD डॉ. सतीश को अभी तक गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने SIT की जांच की दिशा पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या आरोपियों को स्थिति संभालने के लिए समय, सुविधाएं और मौका दिया जा रहा है।

रोहिणी ने हॉस्टल, अस्पताल और SIT पर सवाल उठाए

अपने पोस्ट में रोहिणी ने तीन साफ ​​सवाल उठाए। पहला, हॉस्टल मालिक और उसके परिवार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? छात्रा इसी हॉस्टल में रहती थी और उसे वहीं से बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। परिवार और दूसरे स्टूडेंट्स ने भी मैनेजमेंट पर गंभीर संदेह जताया है, फिर भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अस्पताल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए रोहिणी ने कहा, "न तो सबूतों से छेड़छाड़ और उन्हें नष्ट करने वाले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. सतीश को गिरफ्तार किया गया है और न ही प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल को अभी तक सील किया गया है?" जबकि परिवार के अनुसार, अस्पताल मैनेजमेंट ने तुरंत पुलिस को सूचना नहीं दी और मामले को मेडिकल इमरजेंसी के तौर पर संभालने की कोशिश की।

पुलिस और SIT की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए रोहिणी ने लिखा, "जांच चल रही है या लीपा-पोती? या फिर रसूखदार आरोपियों को बचाने की कवायद?"

बलात्कारियों को दी जा रही समय और सुविधा?

रोहिणी ने पोस्ट के आखिर में लिखा, "हमारे बिहार में, जहां मांओं, बहनों और बेटियों की जिंदगी इतनी मुश्किल हो गई है, क्या ऐसा हो सकता है कि बलात्कार और हत्या के आरोपियों को सबूत नष्ट करने और मामले को मैनेज करने के लिए समय दिया जा रहा हो?"