
Special news - the matter of construction of sewer plant in the balance, the dirty water of the city going into the Mudana riverखास खबर-सीवर प्लांट निर्माण का मामला अधर में, मुडऩा नदी में जा रहा शहर का गंदा पानी
शहडोल. नगर की जीवनदायनी और लाइफ लाइन कही जाने वाली मुडऩा नदी अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है। नदी के संरक्षण के लिए नपा और प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। नपा द्वारा मुडऩा नदी पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने का प्रस्ताव और डीपीआर अधर में अटका हुआ है। नपा ने इसके लिए नगर के बाहर कोनी में मुडऩा नदी पर प्लांट लगाने के लिए विश्व बैंक से 192 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन के पास भेजा है, लेकिन जून महीने से मामला ठंडे बस्ते में है। मामले की फाइल संचालनालय में अटकी हुई है।
कोनी में लगाया जाएगा ट्रीटमेंट प्लांट-
नगर के मुडऩा नदी पर कोनी में सीवर प्लांट लगाया जाएगा, इसके लिए मुडऩा नदी पर चार चिहिन्त स्थानों में पंपिंग स्टेशन बनाकर उनका कनेक्सन मुख्य सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से करने के बाद नगर के बने मकानों को पाइप लाइन से जोड़कर शौचालय और नाली का पानी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा और पानी को शुद्ध करने के बाद उस पानी का उपयोग खेतों में फसलों की सिंचाई और पार्कों की सिंचाई के लिए दिया जाएगा।
16 बड़े नाले और 500से अधिक नालियों का पानी-
नगर के 39 वार्डों में बनाई गई लगभग 500 से अधिक नालियों और नगर से निकलने वाले 16 बडे नालों का गंदा पानी सीधे मुडऩा नदी में डाला जा रहा है, जिससे नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है और हालात ऐसे हैं कि आम निस्तार के लिए भी पानी का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। जानकारी में बताया गया है कि नगर में बने लगभग 20 हजार मकानों से प्रतिदिन लगभग 40 लाख लीटर पानी नाली के माध्यम से सीधे मुडऩा को प्रदूषित कर रहा है।
बाक्स-
6 स्पाट चिन्हित-
नगर के वार्डों से निकलने वाला गंदा पानी जहां जहां मुडऩा में छोड़ा जा रहा है, उसके लिए ६ स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिसमें पुरानी बस्ती, एमपीईबी के पीछे, अण्डरब्रिज के पास, सरस्वती स्कूल, डिग्री कालेज हास्टल के पास और कल्याणपुर स्पाट में सबसे ज्यादा गंदा पानी पहुंच रहा है। हालात ऐेसे है कि सरस्वती स्कूल के पीछे आचार्य कालोनी में बनाई गई लगभग एक दर्जन से अधिक बड़ी नालियों का गंदा पानी नदी में सीधे डाला जा रहा है। वहीं गोबर का अंबार लगा होने से गोगर भी सीधे नदी में पहुंच रहा है।
शासन को भेजा है डीपीआर-
192 करोड़ रुपए की लागत से मुडऩा नदी में ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने का डीपीआर भेजा गया है। शासन से राशि स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार के माध्यम से कोनी में प्लांट लगाया जाएगा। जिसमें शहर की नालियों और नालों का गंदा पानी प्यूरीफाई कर नदी को जहां प्रदूषण से रोका जाएगा, वहीं पानी का उपयोग फसलों की सिंचाई और पार्कों की सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा।
अजय श्रीवास्तव
सीएमओ
नपा-शहडोल
Published on:
13 Jan 2020 08:41 pm
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