
शहडोल। आधी रात को आई आंधी ने शहरवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बड़े-बड़े पेड़ धरासायी हो गए तो बिजली व्यवस्था भी चौपट रही। घंटो तक बिजली गुल रही। मरम्मत कार्य के चलते सुबह भी बिजली व्यवस्था चौपट दिखी। आंधी से घरों के छप्पर, टीन सेड हवा में लहराते दिखे। मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को परेशानी में डाल दिया। तूफान से आम की फसलों को काफी नुकसान भी हुआ जो समय से पहले ही झर गए। पेड़ गिरने और बिजली के तारों के टूटने की घटनाओं में मकानों और सरकारी संपत्ति को नुकसान भी हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण अंचलों में देखा गया है जहां बिजली लाइनें टूट जाने से दूसरे दिन भी बिजली नहीं आई।
आवाज सुनकर भागी पुलिस और गिर गया पेड़
गुरुवार की तड़के सुबह करीब ३ बजे शहर में तेज हवाएं चलीं। स्टेशन परिसर के पास जीआरपी थाने के समीप ५० वर्ष पुराना बरगद का पेड़ धारासायी हो गया। जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया कि रात के समय पुलिस चौकी में ५ पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात थे। आंधी आने पर जवान स्टेशन तरफ भागे इस बीच बरगद का पेड़ जमीदोज हो गया। गनीमत रही कि पेड़ थाने की बिल्डिंग पर न गिरकर खाली जगह गिरा, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था। वहीं कॉलेज के मेन गेट पर भी बड़ा पेड़ गिरा।
एलटी लाइन पर पेड़ गिरा, तो कोल फैक्ट्री के पास उलझ गए तार
डिग्री कॉलेज के पास घरेलु एलटी लाइन पर बड़ा पेड़ गिर गया। हादसे के बाद बिजली लाइन टूटकर सड़क पर आ गई। इसके अलावा कोल फैक्ट्री सिंहपुर रोड पर भी आंधी-तूफान से बिजली तार आपस में उलझ गए। इन हादसों के बाद शहर में १ घंटे बिजली बंद रही। वहीं रेलवे क्षेत्र में बरगद का पेड़ गिरने से २ घंटे और कॉलेज तरफ सुबह तक बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। लाइन को दुरुस्थ करने में गुरुवार की सुबह भी बिजली बंद की गई।
झड़ गए आम के फल, उड़ गई गेहूं की फसल
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि रात के समय आई आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान आम की फसल को हुआ है। अधिकांश आम के पेड़ों में लगे फल पूरी तरह पनपे नहीं हैं। तूफान के कारण आम के फल झर गए हैं, इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। हालाकि गेहूं की अधिकांश फसलें आ चुकीं हैं और लोगों द्वारा गहाई भी कर ली गई है। जिन किसानों ने गेहूं की फसल काटकर एकत्रित रखी थी, वह फसलें हवा में उडऩे से नुकसान हुआ है। शहडोल जिले में अभी सिर्फ बूंदाबांदी हुई है, बारिश की खबर नहीं है। कुछ खरीदी केंद्रों पर भी अनाज खुले में पड़ा है, यदि बारिश होती है तो नुकसान होगा।
---रात को आए तूफान से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी, रात से ही मरम्मत कार्य किया जा रहा था, सुबह सभी जगहों पर कार्य पूरा कर लिया गया है।
सुमन कुमार भारती
कार्यपालन यंत्री शहरी टाऊन।
---तेज हवाओं से आम की फसल बर्बाद हुई है। अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल आ चुकी थी इससे ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ है।
पीएन त्रिपाठी
कृषि वैज्ञानिक शहडोल।
Updated on:
03 May 2018 09:35 pm
Published on:
04 May 2018 01:08 pm
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