
शहडोल। संभाग में किसान भी अब तकनीक फ्रैंडली हो रहे हैं जिससे उनकी माली हालत में सुधार हो रहा है। बल्कि अब न वे कर्ज से घबराते हैं और न ही महंगे उपकरणों के प्रयोग में झिझक होती है। वैज्ञानिकों की सलाह से लगातार वे अच्छी खेती कर अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनकी गरीबी तो दूर हो ही रही है वे कर्ज से भी मुक्त हो रहे हैं। किसानों ने अपनी सफलता की कहानी कमिश्नर को बताई।
वैज्ञानिक सलाह से बदल गई किस्मत
किसानों ने कमिश्नर शहडोल रजनीश श्रीवास्तव को अपनी सफलता की कहानी बताई। संभाग के प्रगतिशील किसानों ने अपनी सफलता की कहानी बताई। कमिश्नर को किसानों ने बताया कि शहडोल संभाग में कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव पर स्ट्राबेरी, हल्दी की उन्नत खेती, धारवाड़ पद्धति से अरहर की खेती, धान की श्री पद्धति से खेती से किसानों ने अच्छा उत्पादन लिया है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीक से किसान निरंतर अच्छा उत्पादन लेने के लिये आगे बढ़ रहे हैं। किसानों ने कमिश्नर से मांग की कि शहडोल संभाग में हल्दी की खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है। कृषि क्षेत्र में अच्छा उत्पादन लेकर अपनी आमदनी बढ़ाने की कहानी बताते हुये शहडोल जिले के ग्राम खेतौली के देवीदीन ने बताया कि उन्होने हल्दी की खेती कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर प्रारंभ की है। जिससे उन्हें अच्छा उत्पादन मिल रहा है, उन्होने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर उन्होने सुगंधा और सोनिया हल्दी लगाई जिससे उन्हें काफी लाभ हुआ है।
एलोवेरा की भी खेती
देवीदीन ने बताया कि वह हल्दी के खेती के साथ-साथ एलोवेरा की खेती भी कर रहे हैं तथा जैविक कृषि से खेती करने के साथ-साथ किसानों को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। शहडोल जिले के सोहागपुर विकास खण्ड के ग्राम सिंदुरी चुनिया के प्रगतिशील किसान खूबचंद्र पटेल ने बताया कि वह श्री पद्धति से धान की खेती करने के साथ-साथ लगभग 20 एकड़ भूमि में टमाटर, लौकी, पत्तागोभी, कुम्हड़ा, बरबटी की खेती कर रहे हैं।
प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की मांग
किसानों ने कमिश्नर को बताया कि हल्दी की प्रोसेसिंग यूनिट नहीं होने के कारण हल्दी की सही कीमत उन्हें नहीं मिल रही है। किसानों ने उन्हें सुझाव दिया कि शहडोल संभाग में हल्दी की प्रोसेसिंग यूनिट प्रारंभ होना चाहिए जिस पर कमिश्नर ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों की मांग पर हल्दी की प्रोसेसिंग यूनिट प्रारंभ करने का वह प्रयास करेंगें।
श्री पद्धति से धान की खेती
वह 2009 से धान की श्री पद्धति से खेती कर रहा है तथा लगभग 2300 किसानों को धान की खेती श्री पद्धति से करने के लिये प्रशिक्षण दिया है। इससे क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ हुआ है। खेतौली क्षेत्र के लगभग सभी किसान आज धान की श्री पद्धति से खेती कर रहे हैं तथा प्रति एकड़ 35 से 40 क्विंटल धान का उत्पादन ले रहे हैं।
Updated on:
16 Feb 2018 09:40 pm
Published on:
16 Feb 2018 09:34 pm
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