26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भोपाल,जबलपुर,ग्वालियर के पुरातत्व विशेषज्ञ मऊ में निकले हजार वर्ष पुराने पुरातत्व अवशेष का खोजेंगे इतिहास

रिसर्च स्कॉलर एवं पुरात्तव विभाग की देख रेख में खोदाई का कार्य जारी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

शहडोल

•

image

raghuvansh prasad mishra

•

Updated: 20 Jun 2019, 9:53 PM IST

 The archaeological expert of Bhopal, Jabalpur, Gwalior will find thousands of years of archeological remains in Mau

भोपाल,जबलपुर,ग्वालियर के पुरातत्व विशेषज्ञ मऊ में निकले हजार वर्ष पुराने पुरातत्व अवशेष का खोजेंगे इतिहास

शहडोल/ ब्यौहारी। जिले के जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम मऊ में रिसर्च स्कॉलर एवं पुरातत्व विभाग की देखरेख में एतिहासिक ९वीं १०वीं सताब्दी के राजा बालम के जमाने के लगातार अवशेष निकल रहे हैं। यह पुरातत्विक प्रतिमाएं मऊ के वार्ड नंबर 19 अजर्न टोला में खेदाई के दौरान मिल रहीं हैं। अब तक ग्राम मऊ में भोपाल, शहडोल, छतरपुर,जबलपुर,मण्डला तक कि पुरातत्व की टीम आ चुकी है। खोदाई का कार्य पुरातत्व विशेषज्ञ पुरातत्वीय अधिकारी भोपाल डॉ रमेश यादव,उप संचालक जबलपुर पीसी महोबिया के निर्देशन में किया जा रहा है। प्राप्त अवशेष से यह आकलन किया जा रहा है कि प्राप्त मुर्तिया नौमी, दशमी सदी की है।
जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पीएचडी रिसर्च स्कॉलर कर रही श्वेता सिंह भी कई दिनों से ग्राम मऊ में रहकर शोध कर रही हैं। स्कॉलर ने बताया कि संरचना तांत्रिक अत्यधिक मात्रा में कलश मिले हैं। अब तक मिले अवशेष मऊ के पुरातत्व संग्रहालय पर एकत्रित रखे जा रहे है।
पुरातत्व विभाग के केयर टेकर दिनेश द्विवेदी ने बताया कि खोदाई का कार्य पाँच जून से किया जा रहा है । अब तक ७० से अधिक अवशेष मिल चुके हैं। जिसमें नरसिंह, एनटेश, शिव पार्वती, विरुलिकाये,कलश, सूर्य, गुम्मच, पिलर देवी देवताओं के आकृति स्वरूप मील शामिल है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनांतर्गत 52 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित
. कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति ने जानकारी दी है कि अनुसूचित जाति के ऐसे कृषक परिवार के युवक एवं युवतियां जो जिले के मूल निवासी हो, जिन्होंने न्यूनतम कक्षा 5वीं उत्तीर्ण की हो, जिनकी उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य हो, जो किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था, सहकारी बैंक को चूककर्ता ना हो, यदि वो अपना स्वयं का उद्योग स्थापित करना चाहता हो तो उन्हें स्वयं इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से राशि 50 हजार से 10 लाख तक का ऋण स्वीकृत कराया जाएगा। उक्त योजना में परियोजना लागत पर 30 प्रतिशत अधिकतम 2 लाख की मार्जिन मनी सहायता एवं परियोजना लागत पर 5 दर से अधिकतम 7 वर्षों तक ब्याज अनुदान विभाग के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। उक्त योजना में 52 हितग्राहियों का लक्ष्य प्राप्त है तथा आवेदन की तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है।