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मध्यप्रदेश की ये बेटियां दिखा रही हैं कमाल

गरीबी को पीछे छोड़, नेशनल लेवल पर दाग रही हैं गोल, खेल चुकी हैं कई नेशनल

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These girls are showing Madhya Pradesh

These girls are showing Madhya Pradesh

शहडोल- प्रतिभा को सहारा मिल जाए तो उसे निखरने में ज्यादा वक्त नही लगता है। जिले के ग्रामीण अंचल में निवास करने वाली कुछ ऐसी बेटियां गरीबी के दल-दल व गांव के परिवेश में फंसी हुईं थी। संसाधन और सुविधाओं के अभाव में उन्हे अपनी प्रतिभा का गला घोंटना पड़ रहा था।

इस बीच नगर के समाज सेवी शफ्दर हुसैन, रईश खान व सुरेश कुण्डे ने इनकी प्रतिभा को निखारने का संकल्प लिया और इनका सहारा बने। जिसके बाद अब वही गांव की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर गोल दाग रही हैं और अपने परिवार के साथ समूचे जिले को गौरवान्वित कर रही हैं। हम बात कर रहे हैं पं. शंभूनाथ शुक्ल महाविद्यालय की महिला फुटबॉल टीम की खिलाडिय़ों की।

जिन्हे विद्यालयीन समय में उक्त समाज सेवियों का सहारा मिला और अब विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल युवा कल्याण विभाग से संबल मिल रहा है। जिसके दम पर यह फुटबॉल टीम नित नई बुलंदियों को छू रही है। इस फुटबाल टीम की खिलाड़ी कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी सहभागिता निभा चुकी हैं तो कई कुश्ती में प्रेदश स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट है और अब फुटबाल टीम का हिस्सा बन गई हैं।

इरादे मजबूत हैं
राष्ट्रीय स्तर पर समूचे जिले को गौरवान्वित करने वाली यह फुटबाल खिलाड़ी ग्रामीण अंचल से सरोकार रखती है। इनका परिवार आर्थिक रूप से इतना सुदृढ़ नही था कि इन्हे वह सारी सुविधायें मुहैया करा सकें जिसके दम पर यह बेहतर खिलाड़ी बनकर उभर सकें। कहते हैं कि होनहार वीरवान के होत चीकने पात इनकी अंदर अद्भुद प्रतिभा छिपी थी। जिसे निखारने में उक्त समाज सेवियों व खेल प्रेमियों ने सहारा दिया और आज यह बेटियां अपना लोहा मनवा रही हैं।

6 नेशनल खेल चुकी हैं यशोदा सिंह
8 वर्ष से फुटबाल खेल रही यशोदा सिंह अब तक छ: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी सहभागिता निभा चुकी है। यशोदा सिंह गोवा में 1, पूणे में 02, चण्डीगढ़ी में 01, भोपाल में 01 व मिजोरम में 01 नेशनल खेल चुकी हैं।

इम्फाल तक पहुंची
महिला फुटबाल टीम में शामिल गीता सिंह अब तक 4 नेशनल खेल चुकी है। इस दौर में वह चण्डीगढ़, गोवा, पूणे व इम्फाल में आयोजित नेशनल प्रतियोगिताओं में अपनी सहभागिता निभाई और इस दौरान प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कुश्ती में गोल्ड मेडल
गायत्री मरावी 03 वर्ष से प्रदेश स्तर पर कुश्ती में गोल्ड मेडलिस्ट है। अब वह इस फुटबाल टीम का हिस्सा हैं और टीम के साथ मिलकर फुटबाल मैच में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है। गायत्री भी हरियाणा व चेन्नई में नेशनल खेल चुकी है।

गोल कीपर की भूमिका
अपने वर्ग में कुश्ती में गोल्ड मेडलिस्ट रोशनी पन्द्राम भी अब फुटबाल टीम का हिस्सा है। अपनी टीम में वह गोल कीपर की भूमिका निर्वहन कर रही है और अब तक रोशनी भी हरियाणा के शीरसा व रोहतक में नेशनल खेल चुकी है।