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केस-1
सचिव सुदामा सिंह के खिलाफ 3500 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। संतोषी सिंह निवासी भमरहा के प्रकरणों की सुनवाई समय सीमा पर न करने पर 3500 रुपए का जुर्माना किया गया था। यह कार्रवाई जुलाई 2018 में की गई थी। अब यह जुर्माना राशि फरियादी के खाते में भेजी जानी है।
केस-2
अप्रैल 2018 में तहसीलदार मीनाक्षी बंजारे पर 5 हजार रुपए जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई थी। तुषन साहू के प्रकरण को समय सीमा पर पूरा नहीं किया गया था। प्रकरण में अनदेखी पर यह कार्रवाई की गई थी। अब ५ हजार वसूलने के बाद फरियादी सुषन के खाते में भेजा जाएगा।
केस-3
नगरपालिका अधिकारी ब्यौहारी को समय सीमा पर प्रकरणों का निराकरण न करने पर एक हजार रुपए जुर्माना किया गया है। आरोपित शुल्क की राशि तीन अलग अलग लोगों के खाते में भेजी जानी है। इसमें फरियादी मोहम्मद मकबूल, श्यामलाल रजक और अजय कुमार का नाम शामिल है। तीनों के प्रकरण की सुनवाई समय सीमा पर नहीं हुई थी।
शहडोल. लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय सीमा पर प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। लापरवाही पर 46 अधिकारी कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई के बाद अब कलेक्टर ने चालान और फरियादियों के खाते की जानकारी भी मांगी है। जिससे अधिकारी कर्मचारियों से वसूल की गई जुर्माना राशि फरियादियों के खाते में भेजी जा सके। इसमें तत्कालीन सिविल सर्जन से लेकर बीएमओ, सीईओ, सचिव, पटवारी और तहसीलदार भी शामिल हैं। जिनसे जुर्माना राशि वसूलकर फरियादियों के खाते में भेजी जाएगी। हालांकि बार- बार पत्राचार के बाद भी चालान की कापी और फरियादियों के बैंक खाता संबंधित जानकारी नहीं भेजी गई है। जिसकी वजह से फरियादियों को अब तक जुर्माना की राशि नहीं मिली है।
नहीं भेजी जानकारी, भेजना पड़ा दोबारा पत्र
फरियादियों के बैंक खाता में अधिकारी कर्मचारियों द्वारा वसूल किए गए जुर्माना राशि को ट्रासफर करने के लिए पूर्व में जानकारी मांगी गई थी। इसमें अधिकारियों के वेतन से काटे गए राशि के चालान की प्रति और आवेदक के बैंक खाता की जानकारी मांगी गई थी लेकिन अब तक अधिकारियों ने नहीं भेजी। जिसके बाद कलेक्टर को दोबारा पत्र जारी करना पड़ा। जानकारी भेजने के लिए कलेक्टर ने 14 सिंतबर अंतिम तिथि निर्धारित की थी।
20 तक भुगतान नहीं तो कमिश्नर को भेजेंगे रिपोर्ट
कलेक्टर द्वारा एसडीएम सोहागपुर, जैतपुर, जयसिंहनगर ब्यौहारी के अलावा, सीएमएचओ, जिला योजना अधिकारी, समस्त तहसीलदार, सीईओ जपं सोहागपुर, बुढ़ार, गोहपारू, जयसिंहनगर, ब्यौहारी अैर सीएमओ ब्यौहारी को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि 20 सितंबर के पहले भुगतान नहीं किया जाता है तो अग्रिम कार्रवाई के लिए 24 सितंबर तक कमिश्नर को पत्र भेजा जाएगा।
प्रकरणों के निराकरण में सचिव सबसे ज्यादा लापरवाह
कलेक्टर द्वारा अलग अलग विभागों को भेजी गई रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि ग्राम स्तर पर सचिव ही प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। 46 अधिकारी कर्मचारियों की सूची में 33 सचिव शामिल हैं। इसके अलावा लगभग चार पटवारी और सीईओ, बीएमओ और अन्य अधिकारी कर्मचारी हैं। जानकारी न देने पर अधिकारी इन अफसरों पर कार्रवाई भी कर सकता है।
Published on:
15 Sept 2018 07:55 pm
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