3 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाघ इस क्षेत्र में लगातार फंस रहे शिकारियों के चंगुल में

देखिए कब-कब किया गया बाघों का शिकार
2 min read
Google source verification
tiger death

सबसे पहले संभागीय मुख्यालय के कल्याणपुर में 25 नवंबर को रिहायशी इलाके के पास नर बाघ का शव पाया गया था। बाद में पता चला कि उसका शिकार किया गया था। बाद में आरोपी पकड़े भी गए।

tiger death

गोहपारू वन परिक्षेत्र के सेमरा में 29 नवंबर को गोली मारकर तेंदुए का शिकार किया गया था। ग्रामीणों की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

ये भी पढ़ें

image
tiger death

03 दिसंबर को अर्जुनी में एक बाघ की मौत का मामला सामने आया था। उस बाघ का भी शिकार किया गया था।

tiger death

27जनवरी को जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में नर बाघ की मौत ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

tiger death

बाघिन के साथ एक और शावक था लेकिन उसका आज तक पता नहीं चला है। वन विभाग की टीम उसको तलाश कर रही थी लेकिन वह आज तक नहीं मिला। आशंका है कि कहीं उसका भी तो शिकार नहीं कर लिया गया।

tiger death

11 दिसंबर को घुनघुटी वन परिक्षेत्र के काचोदर में एक बाघिन और एक शावक का शिकार किया गया था। वन विभाग की टीम ने वहीं पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया था।

tiger death

वन विभाग के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों की लगातार लापरवाही के कारण तीन महीने के बीच यह 6वीं मौत हुई है। इसके पहले चार बाघ और एक तेंदुए की मौत हो चुकी है।

tiger death

बाघिन के साथ एक और शावक था लेकिन उसका आज तक पता नहीं चला है। वन विभाग की टीम उसको तलाश कर रही थी लेकिन वह आज तक नहीं मिला। आशंका है कि कहीं उसका भी तो शिकार नहीं कर लिया गया।

ये भी पढ़ें

image