टीम सिलेक्शन में पारदर्शिता पर सवाल
टीम सिलेक्शन में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। टीम का सिलेक्शन कब कर लिया जाता है, इसके लिए कब ट्रायल होता है इसकी किसी को जानकारी नहीं दी जाती। यहां तक कि टीम सिलेक्शन कब होगा, कैसे होगा मीडिया तक को अंधेरे में रखा जाता है। एसोसिएशन की गतिविधियों से नजीदीकी से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि सिलेक्शन में पदाधिकारियों की पूरी मनमानी चलती है। इसमें न तो किसी को सूचना दी जाती है और ट्रायल में भी महज खानापूर्ति की जाती है। एसडीसीए की मनमर्जी के जलते अनूपपुर, उमरिया और शहडोल जिले के खिलाडिय़ों के साथ अन्याय हो रहा है।