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Tiger Killed : टाइगर की मूंछों में है जादुई शक्तियां और कर लिया शिकार, 11 गिरफ्तार

Tiger Killed in MP : पढ़कर चौंक गए न आप? लेकिन यह सच है कि केवल दांत, नाखून और स्किन के लिए नहीं, टाइगर का शिकार उसकी मूंछों के लिए भी किया जाता है। मप्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें टाइगर का शिकार सिर्फ इसलिए किया गया कि उसकी मूंछें निकाली जा सकें।

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Tiger Killed in MP: पढ़कर चौंक गए न आप? लेकिन यह सच है कि केवल दांत, नाखून और स्किन के लिए नहीं, टाइगर का शिकार उसकी मूंछों के लिए भी किया जाता है। मप्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें टाइगर का शिकार सिर्फ इसलिए किया गया कि उसकी मूंछें निकाली जा सकें। अंधविश्वास ये कि इन मूंछों में ऐसा जादू होता है कि ये किसी भी इंसान को हर तरह की गंभीर बीमारियों से दूर रखती हैं और उसे जवान बनाए रखती हैं। आपको बता दें कि ये बयान दिया उन ग्रामीणों ने जिन्हें वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है। दक्षिण शहडोल संभाग के जैतपुर गांव में सामने आए इस मामले ने वन विभाग को अलर्ट कर दिया है। टीम ने मूंछों के लिए टाइगर का शिकार करने के इस मामले में 11 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है।

मूंछे निकाली फिर, ठिकाने लगाया शव

जैतपुर के ग्रामीणों ने टाइगर की मूंछें पाने के लिए लुप्तप्राय जानवर को मार डाला। यही नहीं वन अधिकारियों को कानों कान इस मामले की खबर न हो और पकड़े जाने के डर से ग्रामीणों ने शव की मूंछें निकालीं और फिर शव को ठिकाने लगा दिया। जानकारी के मुताबिक पूरा मामला लाफडा बीट के घोरवे और शाही के पास हुआ।

शिकार के लिए बनाया बिजली का जाल

मामले में वन विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि जंगल के आसपास रहने वाले किसान अक्सर जंगली जानवरों को डराने और उन्हें फसलों को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए बिजली के जाल का इस्तेमाल करते हैं। हालाँकि इस मामले में अवैध शिकार के लिए बिजली का जाल बिछाया गया था। आरोपी जंगली सूअर और हिरण को फंसाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन बाघ जाल में फंस गया और मारा गया। ग्रामीणों की धारणा मूंछों में जादुई शक्तियां जिम्मेदारों के मुताबिक जैतपुर के पकड़े गए इन आरोपी ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर की मूंछे उन्होंने इसलिए निकाली, क्यों कि टाइगर की मूंछों में जादुई शक्तियां होती हैं। उन्होंने सोचा कि इससे बीमारी ठीक हो जायेगी और उन्हें अच्छी सेहत भी मिलेगी।

आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज

टाइगर का शव मिलने के बाद वन विभाग ने मामले में हस्तक्षेप किया। आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। शहडोल वन विभाग के दक्षिण वन प्रभाग की डीएफओ श्रद्धा पेंड्रे के नेतृत्व में एक टीम टाइगर की मौत की जांच कर रही थी।

11 ग्रामीण गिरफ्तार, मूंछें भी बरामद

वन विभाग की टीम ने टाइगर की हत्या के मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कमला सिंह, रामचरण सिंह, आनंद कुमार सिंह, विनोद सिंह, बाल सिंह, डिल्लन सिंह, राजू सिंह, सुशील सिंह, रामदास सिंह, रामखेलावन सिंह और जितेंद्र सिंह के रूप में की गई है। वहीं आरोपियों के पास से टाइगर की मूंछें भी बरामद की गई हैं।

10 दिन पहले की थी हत्या

टाइगर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बाघ की हत्या करीब 10 दिन पहले की गई थी। बिजली के झटके के कारण बाघ की मौत होना सामने आया। वहीं यह भी पता चला कि ग्रामीणों ने केवल टाइगर की मूंछें ही नहीं निकाली थीं, बल्कि उसके दांत और नाखून भी निकाल लिए थे। मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की गई। इस पूछताछ में कोई भी ग्रामीण अपना अपराध मानने को तैयार नहीं दिखा, बल्कि वे इस आपराधिक कृत्य को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश में लगे रहे कि बिजली के तार गांव में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए लगाए गए थे।

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