
शहडोल- फरवरी का महीना शुरू हो गया है, और मौसम ने अचानक करवट भी बदल ली है। अब गर्मी का अहसास होना शुरू हो चुका है। तेज धूप का अहसास होने लगा है। जनवरी महीने में ही मार्च जैसी हवाएं चलने लगी हैं। इतना ही नहीं अधिकतम तापमान में भी इजाफा देखा जा रहा है। तापमान बढऩे से किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। क्योंकि अचानक ही मौसम बदलने से किसानों के फसलों को भी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। क्योंकि अचानक गर्मी के तेवर से फसलों को रोग लगने के आसार दिख रहे हैं।
विगत एक सप्ताह से दोपहर के समय तेज हवाएं चल रहीं हैं। गुरुवार को शहर का अधिकतम पारा ३० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम पारा ९ डिग्री सेल्सियस रहा। एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में २ डिग्री सेल्सियस का उछाल देखा गया है। विगत वर्ष जनवरी माह में औसत अधिकतम तापमान २८ और न्यूनतम ८ डिग्री सेल्सियस रहा था।
बदलते मौसम के कारण किसानों को भी फसलों की चिंता सताने लगी है। गर्म मौसम से रवि की फसलों का बर्बाद होने का अंदेशा बना हुआ है। रस चूसक व पत्ती भेदक कीड़े मसूर, चना, सरसों की फसल को नष्ट कर सकते हैं। इसके अलावा गेंहू की फसल के लिए गर्म मौसम घातक हो सकता है। तापमान बढऩे से गेहूं की फसल समय से पहले पकने लगेगी। फसल में अपरिपक्व बालियां निकलना शुरु हो जाएंगीं। जिससे
किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कृषि वैज्ञानिक पीएन त्रिपाठी किसानों को सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं। उन्होने बताया कि गर्मी यदि और बढ़ती है तो किसानों को समय-समय पर अपनी फसलों का निरीक्षण करना चाहिए। कीड़ों द्वारा यदि फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तो तत्काल कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें और कीटनाशक का उपयोग करें। जिससे बदलते मौसम के चलते फसल को नुकसान ना पहुंचे।
Published on:
02 Feb 2018 02:40 pm
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