8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएम आवास और सुविधाघर के नाम पर ये क्या हो रहा है ?

बनाए जा रहे हैं 27 हजार पीएम आवास, पंचायतों की मिली भगत से हो रहा ये काम

2 min read
Google source verification
What is happening in the name of PMHouse and convenience house?

What is happening in the name of PMHouse and convenience house?

शहडोल- जिले में पीएम आवास और सविधाघरों के निर्माण के नाम पर रेत का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है, इसमें ग्राम पंचायत से लेकर खनिज विभाग के अधिकारियों की भूमिका और संलिप्तता बनी हुई है। एक ग्राम पंचायत में दो ट्रेक्टरों के लिए रेत परिवहन की अनुमति शासन के निर्देश पर जनपद पंचायत के माध्यम से दी गई है, लेकिन ग्राम पंचायतों में दो ट्रैक्टरों की जगह तीन से लेकर पांच-पांच ट्रेक्टरों के माध्यम से रेत का परिवहन नियमों को ताक में रखकर किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जिले की अन्य कई ग्राम पंचायतों ेमें चल रहे पीएम आवास और सुविधाघरों के निर्माण के नाम अवैध तरीके से रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है। जिले में बनाए जा रहे लगभग 27 हजार पीएम आवास और सुविधा घरों के नाम पर रेत का अवैध कारोबार रेत माफियाओं द्वारा किया जा रहा है। वजह यह है कि शासन द्वारा पीएम आवास निर्माण और सुविधा घर निर्माण में खनिज रायल्टी की छूट दी गई है, जिसमें पंचायतों से प्रमाण पत्र लेने के बाद माफिया रेत का कारोबार बड़े पैमाने पर करते हुए चोरी की रेत रीवा से लेकर सीधी, सतना, सिंगरौली और मिर्जापुर सहित अन्य जिलों में कर रहे हैं। हर दिन लगभग दो सैकड़ा डंपर रेत जिले के बाहर पार हो रही है। रेत के इस अवैध कारोबार में खनिज विभाग के अधिकारियों सहित सम्बन्धित थाना की पुलिस की मिली भगत सामने आ रही है बिना मिली भगत इतने बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार करना संभव नहीं है।

जानकारी में बताया गया है कि रेत के इस कारोबार में छोटे से बड़े रेत कारोबारी अवैध कामों को अन्जाम देकर मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं, जिससे खनिज रायल्टी का नुकशान शासन को उठाना पड़ रहा है। बताया गया है कि ग्राम पंचायतों में एक ट्रेक्टर रजिस्टर्ड कर उससे रेत का परिवहन किया जाना चाहिए लेकिन एक ग्राम पंचायत में एक से लेकर पांच-पांच ट्रेक्टरों को रजिस्टर्ड कर प्रमाण पत्र दिया गया है। जिनके माध्यम से रेत की चोरी की जा रही है।

यहां से हो रहा अवैध खनन
जिले की सोन नदी के श्यामडीह, नरवार, बिजौरी, दियापीपर, डालाघाट, हडहा, ब्यौहारी के बुडवा, सोन नदी के पोंडी घाट, खामडांड, मऊ, नौढिय़ा, बरकछ, जम्हौड़ी, धाधोकुई, समधिन नदी के कल्हारी, तथा सोन नदी, कुनुक, और चूंदी नदी व अन्य नदियों के घाटों से रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है।

मिली भगत का खेल रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए तत्कालीन कलेक्टर मुकेश शुक्ला द्वारा खनिज विभाग के अधिकारियों और वन विभाग तथा राजस्व और पुलिस एवं पर्यावरण और प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का टास्क फोर्स दल का गठन तहसील स्तर पर किया गया था, लेकिन टास्क फोर्स द्वारा अब तक ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।

इनका कहना है
शहडोल खनिज अधिकारी फरहत जहां के मुताबिक अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पंचायतों द्वारा जिन ट्रेक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया गया है, उनके कागजात मांगे जा रहे हैं। मौके पर कागजात नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।