28 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऐसा क्या था रिकॉर्ड में, जिसे देखते ही भड़क गए कमिश्नर

अधिकारियों की ली क्लास, पढि़ए पूरी खबर...

2 min read
Google source verification
What was that in the record, Who saw the flurried commissioner

शहडोल- संभाग में एक-एक कुपोषित मासूम को अधिकारी चिहिंत करें। कोई भी एनआरसी सेंटर खाली नहीं रहनी चाहिए। परिजन अपने कुपोषित मासूमों को एनआरसी सेंटर नहीं भेज रहे हैं तो काउंसलिंग करें। घर घर तक पोषण आहार पहुंचाएं और परिजनों को रोजगार से जोड़ें। ये निर्देश कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चिकित्सा विभाग की संभाग स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। कमिश्नर की दो टूक, कोई भी एनआरसी सेंटर खाली नहीं रहने चाहिए।

कमिश्नर ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीणों से जीवंत सम्पर्क स्थापित करें तथा उन्हें पोषण के महत्व की जानकारी दें तथा कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती करने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें। कमिश्नर ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे जागरूकता कार्यक्रमोंं द्वारा लोगों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं के संबंध में जागरूक करें तथा पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिये प्रेरित एवं प्रोत्साहित करें।

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि संभाग के दूर दराज क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भी समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करायें तथा सभी स्वास्थ्य केंन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्रों, उप स्वास्थ्य केंन्द्रों का कायाकल्प होना चाहिए, स्वास्थ्य केंन्द्रों में समुचित साफ-सफाई होनी चाहिए। शौचालय भी साफ-सुथरे होने चाहिए।

भर्ती न होने पर जताई नाराजगी
कमिश्नर ने शहडोल संभाग के कई अस्पतालोंं में चल रहे पोषण पुनर्वास केन्द्रों में अपेक्षित संख्या में कुपोषित बच्चों को भर्ती नहीं करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा निर्देशित किया गया कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बच्चों को भर्ती किया जाए। बैठक में कमिश्नर ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जिलेवार समीक्षा करते हुए शहडोल संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियो को निर्देश दिये कि जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी हर सप्ताह स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगें।